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निर्वाचन के दो महीने में ही झापा-५ में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन शुरू

२१ वैशाख, विराटनगर। अपने ही निर्वाचन क्षेत्र से निर्वाचित बालेन्द्र शाह (बालेन) के नेतृत्व वाली सरकार बने के केवल एक महीने में ही झापा–५ में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन शुरू हो गया है। झापा–५ के अंतर्गत आने वाले कमल गाउँपालिका के सुकुमवासी और भूमिहीन लोगों ने सोमवार को प्रदर्शन किया। राजधानी काठमांडू समेत देश के विभिन्न स्थानों की सुकुमवासी बस्तियों में डोजर चलाए जाने के विरोध में प्रधानमंत्री शाह के निर्वाचन क्षेत्र के मतदाता डोजर आतंक को रोकने की मांग करते हुए सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरे हैं। भूमि अधिकार और श्रमिक संगठन के नेतृत्व में यह प्रदर्शन आयोजित हुआ। प्रदर्शनकारियों ने गाउँपालिका कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन पत्र भी सौंपा। उन्होंने सरकार द्वारा सुकुमवासी बस्तियों में डोजर चलाकर गरीबों के घरों को हटाए जाने की निंदा करते हुए नाराबाजी की। वे अपनी आवासीय अधिकारों की सुरक्षा करने, बिना वैकल्पिक व्यवस्था के बस्तियां हटाने से रोकने की मांग कर रहे हैं। इससे पहले धरान, पथरी सहित अन्य क्षेत्रों में भी सुकुमवासियों ने प्रदर्शन कर चुके हैं।

सरकार के तैयारी के खिलाफ सुकुमवासी जब सड़क पर आए तो सोमवार को ही प्रधानमंत्री बालेन ने आवास के अधिकार सुनिश्चित करने और समस्या समाधान के लिए स्थायी कदम उठाए जाने का दावा करते हुए सुकुमवासी बस्तियों खाली किए जाने की बात कही। ‘नेपाल सरकार स्पष्ट करना चाहता है कि जो भी कदम उठाए गए हैं, उनका उद्देश्य नागरिकों को हटाना नहीं बल्कि आवास के अधिकार सुनिश्चित करते हुए समस्या का स्थायी समाधान निकालना है,’ बालेन ने फेसबुक पोस्ट में कहा, ‘किसी भी प्रकार के भ्रम में न पड़ने, अनावश्यक डरने और अपुष्ट जानकारी फैलाने से बचने की हम सभी नागरिकों से अपील करते हैं।’

प्रधानमंत्री बालेन ने बताया कि दीर्घकालीन समाधान को लागू करने में बाधा बनने वाले भूमिसम्बन्धी ऐन २०७१ के कुछ प्रावधानों को वर्तमान परिस्थिति को ध्यान में रखते हुए अध्यादेश के जरिए निरस्त किया गया है। इसके बाद कानूनी बाधाएं हटने पर वास्तविक भूमिहीन नागरिकों का डिजिटल लगत संग्रहण, विवरण प्रमाणित करने और स्पष्ट आधार पर अभिलेख तैयार करने का काम शुरू हो चुका है।