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6 वर्षीय क्रिकेटर एरोन ने दीपेन्द्र को अपना आइडल माना

छोटे से ही इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) देखते आ रहे एरोन महेन्द्रसिंह धोनी के प्रशंसक हैं। नेपाल में वे दीपेन्द्रसिंह ऐरी को अपना आदर्श मानते हैं। सन्दीप लामिछाने और विनोद भण्डारी से मिल चुके एरोन की इच्छा है कि वे दीपेन्द्र से भी मिलें। 6 वर्षीय क्रिकेटर एरोन विक्रम मल्ल नवलपुर में जारी यू-14 एकेडमी स्तरीय राष्ट्रीय क्रिकेट प्रतियोगिता में रॉयल क्रिकेट एकेडमी ‘बी’ से खेलते हुए तीन मैचों में 4 रन बनाए हैं। एरोन चार वर्ष की उम्र से रॉयल क्रिकेट एकेडमी में क्रिकेट सीख रहे हैं और रोजाना करीब 16 किलोमीटर दूर स्थित एकेडमी में 3 घंटे अभ्यास करते हैं।

एरोन के पिता विकल चाहते थे कि वह फुटबॉलर बने, लेकिन एरोन ने क्रिकेट चुना और उनके पिता बेटे को बड़ा क्रिकेटर बनाना चाहते हैं। 21 वैशाख, काठमाडौं। 6 वर्षीय एरोन विक्रम मल्ल की बैटिंग का वीडियो वर्तमान में सोशल मीडिया पर खूब चर्चा में है। नवलपुर में हो रहे यू-14 एकेडमी स्तरीय राष्ट्रीय क्रिकेट प्रतियोगिता में उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के कारण उन्हें काफी सराहा जा रहा है। रॉयल क्रिकेट एकेडमी के आयोजन में इस प्रतियोगिता में एरोन ने जो उम्मीद दिखाई है, वह सभी का दिल जीत रही है।

देश के 20 एकेडमियों के खिलाड़ियों की भागीदारी वाली इस प्रतियोगिता में एरोन रॉयल क्रिकेट एकेडमी ‘बी’ टीम से खेल रहे हैं। तीन मैचों में उन्होंने ज्यादा रन नहीं बनाए, लेकिन गेंद को रोककर लंबे समय तक बल्लेबाजी करते रहे। वन डे क्रिकेट एकेडमी के खिलाफ उन्होंने 17 गेंदों का सामना कर 2 रन जोड़े। नेपथ्य तिलोत्तमा क्रिकेट एकेडमी के खिलाफ भी उन्होंने 17 गेंदें खेलीं, लेकिन केवल 1 रन बनाकर पवेलियन लौटे। तीसरे मैच में क्रिकेट एक्सीलेंस सेंटर (सीईसी), भक्तपुर के विरुद्ध 28 गेंदों में 1 रन बनाया। गेंद हाथ लगने के कारण उन्हें रिटायर्ड हर्ट होना पड़ा।

“रन बनाना तो मुश्किल है। उनमें पावर कम है। पेस गेंद आ भी जाए तो भरोसे से खेलते हैं और गेंद से डरते नहीं,” एरोन के पिता विकल विक्रम कहते हैं। टीम के अन्य खिलाड़ी क्रीज़ पर टिक नहीं पाते, मगर एरोन गेंदों को रोकते हुए बल्लेबाजी करते हैं। उनसे उम्र में बड़े गेंदबाजों के फेंके हुए गेंदों को भी वे अनुभवी अंदाज में डिफेंड करते हैं। विकल के अनुसार एरोन ने अब तक 20-25 मैच खेले हैं। वे पिछले माघ में काठमाडौं में राइजिंग स्टार क्रिकेट एकेडमी द्वारा आयोजित यू-12 बॉयज ओपन क्रिकेट प्रतियोगिता में भी खेल चुके हैं। पिच और मैदान की स्थिति खराब होने के कारण सभी मैच नहीं खेले जा सके, लेकिन एक मैच में उन्हें मौका मिला जहाँ उन्होंने 2 गेंदें खेलकर नॉट आउट रहे।

एरोन के पिता विकल चाहते थे कि वे फुटबॉलर बनें, इसलिए उन्होंने फुटबॉल भी लाकर दिए थे। लेकिन क्रिकेट के प्रति एरोन का लगाव शुरू से था। “जब उनसे पूछा गया कि क्या खेलते हो, तो उन्होंने क्रिकेट कहा। इसके बाद वे क्रिकेट में लगे,” विकल याद करते हैं। दो साल पहले बेटे को क्रिकेट सिखाने के लिए नवलपुर देवचुली नगरपालिका-10 में स्थित रॉयल क्रिकेट एकेडमी में दाखिला दिलाने गए, लेकिन उम्र कम होने के कारण भर्ती नहीं हुआ। बाद में एकेडमी के लोग खेल देख कर बुलाकर भर्ती कर लिया। चार साल से वे वहीं क्रिकेट सीख रहे हैं।

छोटे से ही आईपीएल देखने वाले एरोन महेन्द्रसिंह धोनी के बड़े प्रशंसक हैं। नेपाल में वे दीपेन्द्रसिंह ऐरी को अपना आदर्श मानते हैं। सन्दीप लामिछाने और विनोद भण्डारी से मिल चुके एरोन की ख्वाहिश है कि वे दीपेन्द्र से भी मिलें। उनकी बल्लेबाजी और क्षेत्ररक्षण की शैली दीपेन्द्र जैसी है, जो उनके पिता विकल बताते हैं। वे रोजाना लगभग 16 किलोमीटर दूर स्थित एकेडमी में बेटे को लेकर जाते हैं। एरोन भी रोजाना लगभग 3 घंटे प्रशिक्षण लेते हैं। क्रिकेट के प्रति उनकी लगन बहुत गहरी है। उनके पिता का कहना है, “उन्हें तो छुट्टी के दिन भी सुबह से शाम तक अभ्यास करते देखा जा सकता है।” विकल का सपना है कि उनका बेटा एक बड़ा क्रिकेटर बने।