
समाचार सारांश
समीक्षा किया गया समाचार।
- रास्वपा संसदीय दल के उपनेता गणेश पराजुली ने लिपुलेक क्षेत्र में दो पड़ोसी देशों के बीच हुए व्यापारिक समझौते को नेपाल के लिए मान्य न ठहराया है।
- पराजुली ने कहा कि सरकार सीमा विवाद को गंभीरता से ले रही है और कूटनीतिक नोट भेज चुकी है।
- सरकार ने संवाद के माध्यम से समस्या समाधान का संकल्प जताया है और आवश्यक पहल शुरू की है।
२३ वैशाख, काठमांडू। रास्वपा संसदीय दल के उपनेता गणेश पराजुली ने लिपुलेक क्षेत्र में दो पड़ोसी देशों द्वारा किए गए व्यापारिक समझौते को नेपाल के लिए स्वीकार्य नहीं बताया है।
बुधवार को संसदीय दल की बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में पराजुली ने यह बात कही।
उन्होंने कहा कि सरकार सीमा विवाद को गंभीरता से ले रही है और इस मामले में कूटनीतिक नोट भेजा जा चुका है।
पराजुली ने उन दोनों पड़ोसी देशों द्वारा बिना नेपाल को जानकारी दिए लिपुलेक से संबंधित द्विपक्षीय समझौते पर आपत्ति जताई।
उन्होंने कहा कि सीमा विवाद जैसे संवेदनशील मामलों को उत्तेजना के बजाय कूटनीतिक और राजनीतिक संवाद के माध्यम से ही सुलझाया जाना चाहिए।
उनके अनुसार सरकार इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक तैयारी कर रही है और संवाद के जरिए समस्या का समाधान करने के लिए प्रतिबद्ध है।
सरकार की स्थिति स्पष्ट करते हुए पराजुली ने कहा, ‘हमारी जानकारी के बिना दोनों पड़ोसी देशों द्वारा किया गया व्यापारिक समझौता स्वीकार्य नहीं है। सरकार ने सीमा विवाद को संवाद के जरिए सुलझाने की स्पष्ट इच्छा के साथ कूटनीतिक नोट भेजा है।’
उन्होंने इस विषय पर अधिक टिप्पणी करने की आवश्यकता नहीं बताई क्योंकि सरकार ने आवश्यक पहलें शुरू कर दी हैं।





