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रास्वपा सांसद खनाल ने किसानों के लिए कृषि एम्बुलेंस की आवश्यकता पर जोर दिया

रास्वपा सांसद केपी खनाल ने कृषि एम्बुलेंस शुरू करने की आवश्यकता पर जोर दिया है, जो किसानों की उपज को समय पर बाजार तक पहुँचाने में मदद करेगा। उन्होंने कृषि एम्बुलेंस को कृषि क्षेत्र के आईसीयू में जरूरी ऑक्सीजन के रूप में व्याख्यायित करते हुए आगामी आर्थिक वर्ष में इसकी शुरूआत की जरूरत सामने रखी।

सांसद खनाल ने बुधवार को सिंहदरबार में आयोजित कृषि समिति की बैठक में कहा, “जैसे किसी मानव के बीमार होने पर एम्बुलेंस आती है, उसी तरह किसान के खेत की उपज भी जब बीमार हो, तब एम्बुलेंस आनी चाहिए।” उन्होंने आगे कहा, “देश में करोड़ों के वाहन तो हैं, लेकिन देश को पालने वाले किसानों को पांच से सात लाख रुपये की कृषि एम्बुलेंस देने में असमर्थ रहना, तो कृषि के मुख्य मुद्दों में क्या उपलब्धि होगी?”

उन्होंने मिट्टी की जाँच के महत्व को भी रेखांकित किया और किसानों द्वारा सड़क पर अपने उत्पाद फेंकने से उपभोक्ताओं को महंगा माल खरीदना पड़ने की स्थिति को समाप्त करने की बात कही। खनाल ने कहा, “यह व्यवस्था दलालों के सेटिंग को तोड़ने और किसानों की मेहनत को नकद में बदलने के लिए कृषि एम्बुलेंस बेहद जरूरी है।” उन्होंने नेपाल में उत्पादित फल और सब्जियों के लगभग 20 से 35 प्रतिशत हिस्से का सही परिवहन और भंडारण की कमी के कारण बाजार तक पहुँचने से पहले नष्ट हो जाने के विषय पर भी ध्यानाकर्षण कराया।