भ्रष्टाचार के आरोप में चीन के दो पूर्व रक्षा मंत्रियों को मृत्युदंड के साथ-साथ संपत्ति जब्त की सजा

चीन ने पूर्व रक्षा मंत्री ली सांघू और वेई फेंग को भ्रष्टाचार के आरोप में मृत्युदंड की सजा सुनाई है। दोनों को प्रारंभ में दो वर्ष जेल में रहना होगा, यदि वे उन दो वर्षों में कोई नया अपराध नहीं करते हैं तो सजा आजीवन कारावास में परिवर्तित की जा सकती है। ली सांघू पर रिश्वतखोरी और अनुशासन उल्लंघन के आरोप हैं जबकि वेई फेंग पर रक्षा मंत्रालय से संबंधित निर्णयों में रिश्वत लेने का आरोप पाया गया है। यह कदम राष्ट्रपति शी जिनपिंग के भ्रष्टाचार विरुद्ध अभियान का हिस्सा है, जिसमें सेना के दर्जनभर उच्च अधिकारियों को पद से हटाया गया है। २५ वैशाख, काठमांडू।
ली सांघू को पिछले वर्ष अचानक पद से हटाया गया था और वेई फेंग भी सैन्य भ्रष्टाचार जांच में फंसे हुए थे। वर्ष 2024 में दोनों को चीन की कम्युनिस्ट पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था। विशेषज्ञों के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में चीन की सेना और सुरक्षा क्षेत्र के कई उच्च अधिकारियों को पदमुक्त किया गया है। ली सांघू पर रिश्वतखोरी और अनुशासन उल्लंघन का आरोप है, जिसके कारण उन्हें अक्टूबर 2022 में अचानक पद से हटाया गया था।
चीनी अधिकारियों ने अब आधिकारिक रूप से स्वीकार किया है कि वे भ्रष्टाचार संबंधी जांच के दायरे में हैं। CCTV की रिपोर्ट के अनुसार, सैन्य अनुशासन जांच एजेंसी ने बताया कि ली ने ‘गंभीर रूप से पार्टी अनुशासन और कानून का उल्लंघन’ किया है। उन पर बड़ी तादाद में रिश्वत लेने, दूसरों को रिश्वत देने और पद दुरुपयोग के आरोप हैं। पूर्व रक्षा मंत्री वेई फेंग के खिलाफ भी कार्रवाई हुई है, जिन पर रिश्वत लेने और पद दुरुपयोग के आरोप लगे हैं।
चीन की सैन्य अदालत ने उन्हें भ्रष्टाचार में दोषी ठहराया है। जांच रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने रक्षा मंत्रालय और सेना से जुड़े फैसलों में लाभ पाने के लिए रिश्वत ली थी। वेई फेंग चीन के वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों में से एक हैं और वे चीन की सेना के ‘रॉकेट फोर्स’ के कमांडर भी रह चुके हैं। रॉकेट फोर्स चीन के मिसाइल और परमाणु हथियार प्रणाली का संचालन करता है। इसे चीन की सैन्य शक्ति का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है, क्योंकि आवश्यक पड़ने पर यह परमाणु हमला करने की क्षमता रखता है।
सेंट्रल मिलिट्री कमीशन की जांच एजेंसियों ने भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी के आरोपों की जांच की थी। सीएमसी, चीन की सर्वोच्च सैन्य संस्था है, जो चीनी कम्युनिस्ट पार्टी और सरकार की ओर से सेना पर नियंत्रण रखती है। इसके अध्यक्ष राष्ट्रपति शी जिनपिंग हैं। पिछले एक वर्ष में चीन की सैन्य और एरोस्पेस क्षेत्र के कई वरिष्ठ अधिकारियों को पद से हटाया गया है।





