
‘५०० मीटर ऊँचा लहर’: अलास्का में घटित मेगासुनामी अब तक दर्ज सबसे बड़े मेगासुनामी में दूसरी सबसे बड़ी घटना है। पिछले वर्ष अलास्का के एक पर्वत के धंसने से समुद्र में ५०० मीटर ऊँची लहर उत्पन्न हुई थी। वैज्ञानिकों ने इस ‘मेगासुनामी’ को अभिलेखों में दर्ज दूसरी सबसे बड़ी घटना बताया है। इस घटना को जलवायु परिवर्तन के कारण हिमनद पिघलने से होने वाले खतरे का एक स्पष्ट उदाहरण माना जा रहा है।
गत वर्ष हुई इस घटना पर ज्यादा चर्चा नहीं हुई थी। लेकिन नए वैज्ञानिक विश्लेषण से पता चला है कि छोटे भूकंपों के कारण पहाड़ टूट गया और ६.४ करोड़ घन मीटर चट्टान एक साथ पानी में गिर गई। इस चट्टान की मात्रा २४ विशाल पिरामिड जितनी मापी गई है।





