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नेपाल के विद्युत् युरोप को निर्यात करने की संभावना

एशियाई विकास बैंक ने पान, एशिया पावर ग्रिड इनिशिएटिव के माध्यम से 2035 तक एशिया प्रशांत क्षेत्र को विद्युत् प्रसारण लाइनों से जोड़ने की योजना प्रस्तुत की है। इस परियोजना से 20 करोड़ लोगों को बेहतर विद्युत् सुविधा मिलेगी, 8 लाख 40 हजार रोजगार सृजित होंगे और ऊर्जा क्षेत्र के कार्बन उत्सर्जन को 15 प्रतिशत तक कम करने का लक्ष्य रखा गया है। नेपाल ने अपनी ऊर्जा रणनीति बनाते हुए खुद को प्रमुख स्वच्छ ऊर्जा साझेदार के रूप में प्राथमिकता देने का आग्रह किया है और नवीकरणीय एवं स्वच्छ ऊर्जा नेटवर्क को सुदृढ़ करने के लिए तैयार रहने की बात कही है। 25 वैशाख, काठमांडू।

क्या नेपाल भारत को विद्युत् निर्यात करने की तरह फ्रांस या जर्मनी को भी बिजली भेज सकता है? वर्तमान में यह कई लोगों के लिए एक कल्पना लग सकती है। लेकिन, एशिया भर में एक बड़ी योजना पर काम चल रहा है, जो अगर सफलतापूर्वक लागू हो जाती है तो यह वास्तव में संभव हो सकता है। एशियाई विकास बैंक की 59वीं वार्षिक बैठक के दौरान बैंक अध्यक्ष मासातो कांडा ने एक महत्वाकांक्षी घोषणा की – पान, एशिया पावर ग्रिड इनिशिएटिव (PAZI), जिसका लक्ष्य पूरे एशिया एवं प्रशांत क्षेत्र को प्रसारण लाइनों के जरिए जोड़ना है।

यह परियोजना न केवल क्षेत्रीय स्तर पर, बल्कि अंतर-क्षेत्रीय प्रसारण लाइनों के जरिए यूरोपीय क्षेत्र, अफ्रीकी क्षेत्र को भी विद्युत् सेवा पहुंचाने का उद्देश्य रखती है। विशेष रूप से एशिया एवं प्रशांत क्षेत्र को नवीकरणीय ऊर्जा का केंद्र बनाना, इन क्षेत्रों के सभी देशों के बीच विद्युत् आदान-प्रदान के माध्यम से ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करना और क्षेत्र में ऊर्जा असमानता को दूर करना इस परियोजना के उद्देश्य हैं। एशियाई विकास बैंक ने आगामी 10 वर्षों यानी 2035 तक इस क्षेत्र में 50 अरब अमेरिकी डॉलर निवेश जुटाने का भी घोषणा की है।