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इस वर्ष के मानसून में वर्षा कम और तापमान अधिक रहने की संभावना

जल और मौसम विज्ञान विभाग ने इस वर्ष के मानसून अवधि में नेपाल में औसत से कम वर्षा और अधिक तापमान रहने का पूर्वानुमान जारी किया है। विभाग के मौसमविद् सुदर्शन हुमागाईं ने एल निनो और इंडियन ओस्सिलेशन डेटा (IOD) की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए मानसून की वर्षा और तापमान का अनुमान प्रस्तुत किया। अनुमान के अनुसार 18 जेठ से 14 असोज तक अधिकांश क्षेत्रों में वर्षा कम और तापमान बढ़ने की संभावना 35 से 65 प्रतिशत तक है।

नेपाल के कुछ क्षेत्रों में औसत वर्षा की संभावना है, जबकि अधिकांश स्थानों पर औसत से कम वर्षा होने की उम्मीद की गई है। विभाग की जलवायु विश्लेषण शाखा के मौसमविद् सुदर्शन हुमागाईं के अनुसार यह अनुमान विश्व मौसम संगठन के जलवायु सूचना उत्पादन केंद्रों के हवामान प्रारूप के मूल्यांकन और दक्षिण एशियाई जलवायु मंच (SASCOF) के मूल्यांकन को आधार बनाकर तैयार किया गया है।

मालदीव के माले में संपन्न SASCOF की बैठक में नेपाल सहित नौ देशों के मौसमविद् भाग ले रहे थे। वर्तमान में हिन्द महासागर ने एन्सो स्थिति को तटस्थ करते हुए एल-निनो की दिशा की ओर कदम बढ़ाए हैं। जलवायु एवं आपदा विशेषज्ञ डॉ. धर्मराज उप्रेती के अनुसार जून के मध्य तक अच्छी वर्षा हो सकती है, लेकिन जून के अंत तक सूखे की संभावना है और सितंबर के अंत में पुनः सक्रिय होने की संभावना देखी जा रही है।

इस वर्ष के मानसून में कर्णाली प्रदेश के दक्षिणी भाग, लुम्बिनी प्रदेश के अधिकांश क्षेत्र, मधेश प्रदेश के पूर्वी भाग और कोशी प्रदेश के दक्षिणी भाग में औसत से कम वर्षा होने की संभावना 55 से 65 प्रतिशत तक है। इसके अलावा, सुदूरपश्चिम प्रदेश के अधिकांश क्षेत्र, मधेश प्रदेश के पश्चिमी भाग और कोशी प्रदेश के मध्य भाग में औसत से कम वर्षा होने की संभावना 45 से 55 प्रतिशत के बीच देखी गई है।