
२५ वैशाख, काठमाडौं। नेपाली कांग्रेस निकट नेपाल महिला संघ की अध्यक्ष पद पर मीना खरेल का चयन किया गया है। सभापति गगन थापाले चितवन निवासी खरेल को महिला संघ की अध्यक्ष पद पर नियुक्त किया है। पिछली चुनाव में चितवन–२ क्षेत्र से राष्ट्रीय स्वतन्त्र पार्टी (रास्वपा) के सभापति रवि लामिछाने के साथ नवनियुक्त खरेल ने मुकाबला किया था। असहाय महिला एवं बालबालिका के क्षेत्र में खरेल सक्रिय रूप से कार्यरत रही हैं। उनकी नेतृत्व में निर्धारित समय के भीतर महाधिवेशन कराने का कार्यादेश दिया गया है। साल २०७३ से महिला संघ का चुनाव नहीं हो सका है। इससे पहले अध्यक्ष रह चुकी उषा मिश्र की समिति भी महिला संघ का महाधिवेशन आयोजित नहीं कर पाई थी।
मीना खरेल कौन हैं? महिला, बालबालिका और घरेलू हिंसा विरोधी सामाजिक क्षेत्रों में लगातार सक्रिय एवं स्थापित नाम हैं मीना खरेल। उनका नाम सुनते ही चितवनवासियों के मन में एक समाजसेवी महिला की छवि उभरती है, जो दिन-रात बिना थके हिंसाग्रस्त महिलाओं व बच्चों के उद्धार में सक्रिय हैं। ५४ वर्षीय मीना ने करीब ३५ वर्ष समाजसेवा में बिताए हैं। वह एकल एवं बहुविवाह के शिकार महिलाओं के पक्ष में कानूनी लड़ाई लड़ रही हैं तथा जबरन करणीलगायत कारणों से दोनों अभिभावक खो चुके असहाय बाल-बालिकाओं के लिए आश्रम संचालित कर रही हैं। पीड़ित एवं वंचित महिलाओं को स्वरोजगार स्थापित कराने और समाज में स्थापित करने के लिए विभिन्न कौशलमूलक प्रशिक्षण कराने के कारण मीना राजनीतिक क्षेत्र से ज्यादा सामाजिक क्षेत्र में सक्रिय हैं।
मीना का जन्म वर्ष २०२८ में हुआ था और वे भरतपुर महानगरपालिका वडा नं. ४ की स्थायी निवासी हैं। उन्होंने समाजशास्त्र में स्नातकोत्तर की शिक्षा प्राप्त की है। मीना आदर्श नारी क्लब की संस्थापक सचिव, आदर्श नारी विकास केन्द्र भरतपुर की अध्यक्ष एवं असहाय महिला तथा बालबालिका पुनर्स्थापना केन्द्र «आदर्श गृह» की संस्थापक संयोजक हैं। इसके अलावा वे सड़क बालबालिका पुनर्स्थापना केन्द्र «हम्रो घर», नारायणगढ की संस्थापक, आदर्श बचत तथा ऋण सहकारी संस्था की अध्यक्ष एवं सामुदायिक सेवा केन्द्र, नारायणगढ की संस्थापक अध्यक्ष भी रह चुकी हैं। छोटे ही उम्र में शुल्क वृद्धि के विरोध में गिरफ्तार किए गए मीना २०४६ साल के जनआन्दोलन में नेविसंघ के प्रतिनिधि के तौर पर सक्रिय भागीदार थीं।
वीरेन्द्र क्याम्पस में नेविसंघ की अध्यक्ष, कांग्रेस चितवन की जिला कार्यसमिति सदस्य और वर्तमान में कांग्रेस की महासमिति सदस्य की भूमिका निभा रही हैं। २०५४ में हुए स्थानीय चुनाव में तत्कालीन भरतपुर नगरपालिका वडा नं. ५ की महिला सदस्य निर्वाचित हुईं। मीना पहली बार संसदीय चुनाव के लिए उम्मीदवार बनी थीं। २०५६ के चुनाव बाद कांग्रेस चितवन–२ में जीत नहीं पाई है। २१ फागुन को संपन्न चुनाव में उसी क्षेत्र से रास्वपा के सभापति रवि लामिछाने विजेता रहे। २०६४ में चितवन निर्वाचन क्षेत्र नं ३ में माओवादी केन्द्र ने जीत हासिल की थी। २०७० और २०७४ के चुनावों में लगातार नेकपा (एमाले) ने जीत दर्ज की। २०७९ के चुनाव में रास्वपा के सभापति रवि लामिछाने विजयी रहे। २०८० के उप-निर्वाचन में भी लामिछाने पुन: निर्वाचित हुए। २०७९ और २०८० के चुनावों में कांग्रेस माओवादी समेत गठबंधन के उम्मीदवार उतारती रही, लेकिन इस बार गठबंधन न होने से मीना मैदान में आईं। कांग्रेस के भीतर मतभेद और विवादों के बावजूद मीना को कांग्रेस द्वारा पूरा समर्थन मिला। हालांकि परिणाम कांग्रेस के पक्ष में नहीं रहा। ५४,४०२ मतों के साथ लामिछाने विजयी हुए, जबकि मीना को १४,५६४ मत प्राप्त हुए। वहीं, नेकपा एमाले के उम्मीदवार अस्मिन घिमिरे को ६,९९२ मत मिले।
कार्यादेश इस प्रकार है।





