ईश्वर पोखरेल ने कहा: ज्येष्ठ नागरिकों के ज्ञान और अनुभव का इस्तेमाल राज्य संचालन में होना चाहिए

समाचार सारांश
समीक्षा गरियो।
- काठमांडू में मनमोहन स्मृति प्रतिष्ठान के आयोजन में ज्येष्ठ नागरिकों की स्थिति और ज्ञान हस्तांतरण विषयक दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन शुरू हुआ।
- राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने इस सम्मेलन का उद्घाटन किया।
- नेकपा (एमाले) के नेता ईश्वर पोखरेल ने ज्येष्ठ नागरिकों को केवल सामाजिक सुरक्षा नहीं, बल्कि ज्ञान और अनुभव के स्रोत के रूप में स्वीकार करने पर ज़ोर दिया।
26 वैशाख, काठमांडू। ज्येष्ठ नागरिकों की स्थिति, वर्तमान चुनौतियां और अंतरपीढ़ी ज्ञान हस्तांतरण पर केंद्रित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन काठमांडू में शुरू हुआ है।
मनमोहन स्मृति प्रतिष्ठान के आयोजन में प्रारंभ हुए इस सम्मेलन का उद्घाटन राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने किया है।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए नेकपा (एमाले) के नेता ईश्वर पोखरेल ने कहा कि ज्येष्ठ नागरिकों को केवल सामाजिक सुरक्षा और सम्मान की सीमाओं तक सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि उन्हें ज्ञान और अनुभव के महत्वपूर्ण स्रोत के रूप में स्वीकार किया जाना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि ज्येष्ठ नागरिकों के अनुभवों का उपयोग राज्य संचालन, सामाजिक परिवर्तन और पारिवारिक समृद्धि में किया जाना चाहिए।
नेपाल में सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रम की शुरुआत करने वाले प्रथम जननिर्वाचित कम्युनिस्ट प्रधानमंत्री मनमोहन अधिकारी के योगदान को याद करते हुए पोखरेल ने बताया कि उनकी सोच और निष्ठा को स्थायी बनाने के लिए प्रतिष्ठान विभिन्न रचनात्मक कार्य कर रहा है।
2056 साल में स्थापित इस प्रतिष्ठान ने ज्येष्ठ नागरिकों के लिए देश दर्शन, सम्मान कार्यक्रम, स्वास्थ्य शिविर और साहित्यिक गतिविधियां संचालित की हैं। साथ ही युवाओं को तकनीकी शिक्षा देने के लिए मोरंग में मनमोहन प्राविधिक विश्वविद्यालय की स्थापना कर स्वरोजगार के क्षेत्र में भी कार्य किया जा रहा है, बताया पोखरेल ने।
‘स्वर्गीय अधिकारी द्वारा स्थापित ज्येष्ठ नागरिक सम्मान की नींव को अब सभी सरकारी स्तरों और समाज ने अपनाना शुरू किया है, जो एक सुखद पक्ष है। अब इसे और निखारते हुए उनका अनुभव विकास अभियान में जोड़ना आवश्यक है,’ उन्होंने कहा।





