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पाँचथर में ‘प्रमोद एन्ड परम्परा’ का भव्य संगीत का प्रदर्शन, स्टेज पर प्रमोद खरेल ने पहना सिलाम साक्मा

पाँचथर के यासोक बाजार में गायक प्रमोद खरेल एवं उनकी बैंड ‘प्रमोद एन्ड परम्परा’ ने दो घंटे लंबी सांगीतिक प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में हजारों दर्शक उपस्थित थे और गीतों के बाद ‘वान्स मोर, वान्स मोर’ के उद्घोष ने माहौल को अत्यंत उत्साहपूर्ण बना दिया। प्रमोद खरेल ने लिम्बु समुदाय के साथ अपने आत्मीय रिश्ते और स्थानीय लोगों द्वारा प्रदान किया गया सिलाम साक्मा सम्मान साझा किया।

स्थानीय फुटबॉल मैदान में आयोजित यह कार्यक्रम शाम 11 बजे शुरू होकर रात 1 बजकर 30 मिनट तक चला। बैंड ने लगातार दो घंटे तक अपने लोकप्रिय गीत प्रस्तुत किए, जिससे दर्शक नाचते और आनंदित होते रहे तथा माहौल उल्लासपूर्ण बना रहा। बैंड के सदस्य दोपहर में ही यासोक पहुंचे थे। धरान, धनकुटा होते हुए तमोर कॉरिडोर की लगभग चार घंटे की कठिन चढ़ाई के बाद टीम कार्यक्रम स्थल पर पहुंची।

कार्यक्रम के पश्चात गायक खरेल ने दर्शकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने गीत गाते हुए लिम्बु समुदाय के बीच आए अपने अनुभव साझा किए और बताया कि उनका पितृगृह ताप्लेजुङ में है जहां उनके पिता का जन्म हुआ था। इसके साथ ही उन्होंने लिम्बु संस्कृति के प्रति अपने गहरे आत्मीय संबंधों पर प्रकाश डाला। प्रमोद ने दर्शकों के जोश और उत्साह को अत्यंत सराहनीय बताया।