
नेपाल क्रिकेट संघ की वार्षिक साधारण सभा में अध्यक्ष चतुरबहादुर चन्द और राष्ट्रीय खेलकूद परिषद के सदस्यसचिव रामचरित्र मेहताबीच संघ के नवीनीकरण और कानूनी पालन से संबंधित प्रश्नोत्तर सत्र संपन्न हुआ है। क्यान ने केवल २०८२ असार तक का नवीनीकरण किया है और इसके बाद के नवीनीकरण कार्य नहीं किए हैं, साथ ही नेपाल प्रीमियर लीग के वित्तीय हिसाब-किताब पारदर्शी न होने का आरोप भी लगा है। युवा तथा खेलकूद मंत्रालय ने अख्तियार दुरुपयोग अनुसन्धान आयोग में दर्ज शिकायत के मामले में छानबीन में सहयोग नहीं करने पर राष्ट्रीय खेलकूद परिषद को पत्र लिखा है।
२७ वैशाख, विराटनगर। नेपाल क्रिकेट संघ (क्यान) की वार्षिक साधारण सभा में संघ के अध्यक्ष और राष्ट्रीय खेलकूद परिषद के सदस्यसचिव के बीच संघ के नवीनीकरण और कानूनी पालन विषय पर प्रश्नोत्तर हुआ। विराटनगर में रविवार से शुरू हुई साधारण सभा में राष्ट्रीय खेलकूद परिषद के सदस्यसचिव रामचरित्र मेहत ने सभी से कानूनी पालन पर विशेष ध्यान देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, “किसने कितना कानून तोड़ा या कौन कितना मजबूत है, उससे अधिक महत्वपूर्ण है कि सभी गतिविधियाँ कानूनी दायरे में हों।”
संघ ने केवल २०८२ असार तक का नवीनीकरण किया है और उसके बाद का कोई भी नवीनीकरण अभी तक नहीं किया गया है। नेपाल प्रीमियर लीग (एनपीएल) के वित्तीय लेखा परीक्षामें भी क्यान पारदर्शिता बनाए रखने में असमर्थ रहा है। अख्तियार दुरुपयोग अनुसन्धान आयोग में दर्ज शिकायत के मामले में छानबीन में सहयोग नहीं करने पर युवा तथा खेलकूद मंत्रालय ने राष्ट्रीय खेलकूद परिषद को पत्र भेजा था। नवीनीकरण के लिए आवश्यक दस्तावेजों में वार्षिक प्रतिवेदन, भावी योजना, लेखा परीक्षण, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के आयोजन के प्रमाणपत्र शामिल होते हैं। लेकिन साधारण सभा न होने की वजह से क्यान ये दस्तावेज पेश नहीं कर पाया है।
क्यान के अध्यक्ष चतुरबहादुर चन्द ने देश की वर्तमान परिस्थितियों के कारण साधारण सभा में देरी होने की बात कही और इस विषय में एशियाई क्रिकेट परिषद (एसीसी) तथा राखेप को भी जानकारी दी गई है। उन्होंने यह भी दावा किया कि क्यान ने क्रिकेट के लिए गौरवपूर्ण कार्य किए हैं। साधारण सभा के बाहर क्यान के सचिव पारस खड़का ने तकनीकी और व्यावहारिक कारणों से वार्षिक साधारण सभा में कुछ देरी होने की जानकारी दी थी।





