
अर्थमंत्री डा. स्वर्णिम वाग्ले ने आगामी आर्थिक वर्ष की नीति तथा कार्यक्रम में कर्मचारी ट्रेड यूनियन खारिज करने के विषय को शामिल किए जाने को लेकर स्पष्टता दी है। उन्होंने कहा कि यह कदम समग्र श्रमिक आंदोलन के खिलाफ नहीं है और सरकार ने इसके ऐतिहासिक महत्व को अस्वीकार नहीं किया है। साथ ही, दल रहित एक अलग यूनियन बनाने की तैयारी और योजना को भी उन्होंने उल्लेखित किया।
31 वैशाख, काठमांडू। अर्थमंत्री डा. स्वर्णिम वाग्ले ने निजामती प्रशासन को तटस्थ, निष्पक्ष और व्यावसायिक बनाने के उद्देश्य से आगामी आर्थिक वर्ष की नीति तथा कार्यक्रम में कर्मचारी ट्रेड यूनियन खारिज करने के विषय को शामिल किए जाने को स्पष्ट करते हुए राष्ट्रीय सभा में उठे प्रश्नों का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि निजामती और सरकारी सेवाओं में सुधार आवश्यक है और सेवा प्रदान करना तथा सुशासन को परिणाममुखी बनाना चाहिए।
उन्होंने ट्रेड यूनियन खारिज करने के विषय को समग्र श्रमिक आंदोलन के खिलाफ नहीं माना और कहा कि यह ऐतिहासिक भूमिका एवं महत्व को अक्षुण्ण रखता है। उन्होंने कहा, ‘निजामती और अन्य सरकारी सेवाओं को तटस्थ, निष्पक्ष, उत्तरदायी एवं व्यावसायिक संस्थाओं के रूप में विकसित कर सेवा प्रदान करना और सुशासन को बढ़ावा देना हमारा उद्देश्य है। इस उद्देश्य से ट्रेड यूनियन को खारिज करने को नीति तथा कार्यक्रम में शामिल किया गया है। यह निर्णय समस्त ट्रेड यूनियन आंदोलन को निषेध करने के लिए नहीं है।’
वाग्ले ने ट्रेड यूनियन आंदोलन के ऐतिहासिक योगदान का सम्मान करते हुए दल रहित एक अलग यूनियन बनाने के गृहकार्य को आगे बढ़ाने की तैयारी में सरकार होने की भी जानकारी दी।





