
सारांश
संपादकीय समीक्षा के साथ।
- नेपाली सेना के राजन रोकाया ने राष्ट्रीय युवा संघ नेपाल के 37वें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित १० के एनवाईएफएन रन 29 मिनट 56.9 सेकंड में जीत लिया।
- खड्क बहादुर खड्का दूसरे स्थान पर रहे जबकि मुकेश बहादुर पाल तीसरे स्थान पर रहे, जिन्हें क्रमशः 40 हजार और 30 हजार नकद पुरस्कार मिले।
- आयोजकों ने बताया कि प्रतियोगिता में देश भर के धावकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और भविष्य में ऐसे आयोजन जारी रखने की योजना है।
1 जेठ, काठमांडू। राष्ट्रीय युवा संघ नेपाल के 37वें स्थापना दिवस के मौके पर आयोजित ‘१० के एनवाईएफएन रन’ प्रतियोगिता का खिताब नेपाली सेना के राजन रोकाया ने जीता है।
शुक्रवार को काठमांडू में संपन्न इस प्रतियोगिता में राजन रोकाया ने निर्धारित 10 किलोमीटर की दूरी 29 मिनट 56.9 सेकंड में पूरी कर विजेता बने। इसी क्रम में, खड्क बहादुर खड्का ने 30 मिनट 26.7 सेकंड में दूसरा स्थान प्राप्त किया जबकि मुकेश बहादुर पाल 31 मिनट 00.2 सेकंड में तीसरे स्थान पर रहे।
प्रतियोगिता ट्रिपुरेश्वर स्थित दशरथ रंगशाला से शुरू होकर पुनः उसी स्थान पर समाप्त हुई। प्रतियोगिता में भाग लेने वाले धावकों ने उत्कृष्ट प्रतिस्पर्धा प्रस्तुत की।
संजय श्रेष्ठ ने 31 मिनट 07.4 सेकंड में चौथा स्थान और सुशील शाही ने 32 मिनट 07.6 सेकंड में पांचवां स्थान हासिल किया।
विजेता राजन को 50 हजार नकद पुरस्कार मिला, जबकि दूसरे स्थान पर रहे खड्क को 40 हजार, तीसरे मुकेश को 30 हजार, चौथे संजय को 20 हजार और पांचवें सुशील को 10 हजार नकद पुरस्कार प्रदान किए गए।
ओलंपियन एवं कीर्तिमान धावक बैकुण्ठ मानन्धर इस प्रतियोगिता के प्रमुख अतिथि के रूप में मौजूद थे।
खेलों के प्रति युवाओं में रुचि बढ़ाने और स्वस्थ जीवनशैली को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आयोजित इस प्रतियोगिता में देश भर से धावकों की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखी गई, जैसा कि आयोजकों ने बताया।
समापन समारोह में आयोजकों ने कहा कि खेल युवाओं को अनुशासित, ऊर्जावान और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। राष्ट्रीय युवा संघ नेपाल भविष्य में भी खेलों के माध्यम से युवाओं को एकजुट करने के लिए ऐसे कार्यक्रम लगातार आयोजित करता रहेगा।
कार्यक्रम में विभिन्न सामाजिक, राजनीतिक और खेल क्षेत्र के प्रमुख व्यक्तित्व भी उपस्थित थे। प्रतियोगिता ने राजधानी में खेल-कूद का माहौल बनाया और युवा पीढ़ी में दौड़ की सांस्कृतिक परंपरा को बढ़ावा दिया, आयोजकों का विश्वास है।




