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बडिमालिका आने पर्यटकों की संख्या में वृद्धि (तस्वीरें)

समाचार सारांश

संपादकीय समीक्षा।

  • प्रधानमंत्री बालेन शाह द्वारा बडिमालिका को ‘स्विट्जरलैंड का बाप’ कहा जाने के बाद धार्मिक तथा पर्यटकों की संख्या में वृद्धि हुई है।
  • बडिमालिका समुद्र तल से 4,200 मीटर की ऊँचाई पर स्थित है और सरकार ने इसे 100 कार्यसूचियों में शामिल किया है।
  • बडिमालिका क्षेत्र के मनोहारी त्रिवेणी क्षेत्र, विष्णुपानी, धर्मद्वार और दुर्लभ वन्य जीव पर्यटकों के प्रमुख आकर्षण केंद्र हैं।

1 जेठ, बाजुरा। धार्मिक और पर्यटन स्थल बडिमालिका की प्रसिद्धि दिनोंदिन बढ़ रही है। हाल के समय में बडिमालिका आने वालों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। प्रधानमंत्री बालेन शाह ने चुनाव प्रचार के दौरान कैलाली के धनगढ़ी में बडिमालिका को ‘स्विट्जरलैंड का बाप’ कहा था, जिससे इस स्थल की चर्चा और व्यापक हुई है।

प्रधानमंत्री बालेन की इस अभिव्यक्ति के कुछ दिन बाद धार्मिक पर्यटकों की संख्या में महत्वपूर्ण बढ़ोतरी हुई है, जिसका प्रमाण गाइड नर बहादुर रावल भी देते हैं। इसके साथ ही सरकार ने इस स्थल को 100 कार्यसूचियों में शामिल किया है।

बडिमालिका समुद्र सतह से 4,200 मीटर की ऊँचाई पर स्थित है। प्रचार के बढ़ने के साथ, बडिमालिका नगरपालिकाध्यक्ष अमर बहादुर खड़का ने बताया कि यहाँ आने वाले पर्यटकों और तीर्थयात्रियों की संख्या में वृद्धि हुई है।

उन्होंने कहा, ‘पहले जनै पूर्णिमा से एक दिन पहले ही मुख्य पूजा होती थी, जिसके कारण भक्त और पर्यटकों की संख्या सीमित होती थी, लेकिन अब लगातार तीर्थयात्री यहाँ आने लगे हैं।’ इसके दर्शन से मनोकामना पूरी होने का विश्वास है।

बडिमालिका क्षेत्र के प्रमुख आकर्षण में मनोहारी त्रिवेणी क्षेत्र, 22 पाटन, रंग-बिरंगे फूलों से सजे मैदान, खेतीबाड़ी, विष्णुपानी और धर्मद्वार शामिल हैं। इस क्षेत्र में प्राचीन काल में भगवती और मैसासुर के बीच हुए युद्ध के समय रोपा गया धान आज भी पाया जाता है, ऐसी किंवदंती प्रचलित है। इस इलाके में डोंफे, मुना, कस्तूरी और झालर जैसे दुर्लभ पक्षी तथा वन्यजीव भी देखे जा सकते हैं।

यहाँ से खूबसूरत हिम शृंखलाओं का भी मनोहारी दृश्य देखने को मिलता है।