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जेठ ७ गते राष्ट्रिय सभामा अध्यादेशों के लिए निर्णय प्रक्रिया शुरू

समाचार सारांश संकलन एवं संपादकीय समीक्षा पश्चात् तैयार किया गया है। राष्ट्रीय सभा में जेठ ७ गते सार्वजनिक खरीद, सार्वजनिक पदाधिकारियों की पदमुक्ति, संवैधानिक परिषद सहित आठ अध्यादेशों को स्वीकृति के लिए प्रस्तावित किया जाएगा। विपक्षी दलों ने अध्यादेशों को अस्वीकृत करने हेतु पूर्व में सूचना दर्ज कराई है, जिसमें नेकपा एमाले ने सभी आठ अध्यादेशों की अस्वीकृति की मांग की है। अध्यादेशों को स्वीकृत होने के बाद ही सरकार द्वारा इनके प्रतिस्थापन विधेयक पेश करने का मार्ग प्रशस्त होगा, यह जानकारी राष्ट्रीय सभा ने दी है। २ जेठ, काठमांडू। राष्ट्रीय सभा में इसी जेठ ७ गते अध्यादेशों को स्वीकृति के लिए प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाएगा। यह विषय संसद की संसदीय कैलेंडर में अंकित है। संसद के अधिवेशन के अभाव में सरकार ने सार्वजनिक खरीद (दूसरा संशोधन) अध्यादेश, सार्वजनिक पदाधिकारियों की पदमुक्ति से संबंधित विशेष प्रावधानों का अध्यादेश, तथा संवैधानिक परिषद (कार्य, कर्तव्य, अधिकार एवं कार्यविधि) (पहला संशोधन) अध्यादेश जारी किया था। इसके अतिरिक्त संपत्ति शुद्धिकरण (मनी लॉन्डरिंग) निषेध (तीसरा संशोधन) अध्यादेश, कुछ नेपाल कानूनों में संशोधन करने वाला सहकारी (पहला संशोधन) अध्यादेश, स्वास्थ्य विज्ञान प्रतिष्ठान से संबंधित कुछ नेपाल कानूनों में संशोधन अध्यादेश, तथा विश्वविद्यालय संबंधित कुछ नेपाल कानूनों में संशोधन अध्यादेश भी जारी किए गए हैं। ये सभी अध्यादेश संघीय संसद के दोनों सदनों – प्रतिनिधि सभा और राष्ट्रीय सभा में प्रस्तुत हो चुके हैं। अब दोनों सदनों को इन अध्यादेशों को स्वीकृत या अस्वीकृत करने का निर्णय लेना होगा। संविधान की धारा ११४ में अध्यादेश से संबंधित प्रावधान है। उपधारा २ की धारा (क) के अनुसार, ‘जारी होने के पश्चात एकत्रित संघीय संसद के दोनों सदनों में प्रस्तुत किया जाएगा और यदि दोनों सदन स्वीकृति नहीं देते हैं तो वह स्वतः निष्क्रिय हो जाएगा।’ इसके अनुसार राष्ट्रीय सभा ने जेठ ७ गते अध्यादेशों के निर्णय हेतु प्रस्तुत करने की तैयारी की है। राष्ट्रीय सभा में सत्तारूढ़ रास्वपा नहीं है। ५९ सदस्यीय सभा में कांग्रेस २४ सीटों के साथ सबसे बड़ा दल है। नेकपा के १७, एमाले के १०, जसपा के २, लोसपा के १, राष्ट्रीय जनमोर्चा के १ तथा राष्ट्रपतिद्वारा मनोनीत २ सांसद सदस्य हैं। विपक्षी दलों ने ‘अध्यादेश अस्वीकृत किया जाए’ की सूचना दर्ज करवाई है। नेकपा एमाले ने सभी आठ अध्यादेशों की अस्वीकृति के लिए सूचना दायर की है। नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी ने चार अध्यादेशों तथा नेपाली कांग्रेस ने दो अध्यादेशों के अस्वीकृति के लिए सूचना दी है। कांग्रेस ने केवल संवैधानिक परिषद तथा कुछ नेपाल कानून संशोधन संबंधी विधेयकों को अस्वीकृत करने हेतु सूचना दी है। नेकपा ने संवैधानिक परिषद, कुछ नेपाल कानून संशोधन, सार्वजनिक पदाधिकारियों की पदमुक्ति, तथा विश्वविद्यालय संबंधित अध्यादेशों की अस्वीकृति हेतु सूचना दी है। इस विषय में निर्णय लेने के लिए राष्ट्रीय सभा ने जेठ ७ गते अध्यादेशों को कानून के लिए प्रस्तुत करने हेतु संसदीय कैलेंडर बनाया है। प्रतिनिधि सभा एवं राष्ट्रीय सभा द्वारा अध्यादेशों को स्वीकृत किए जाने के पश्चात ही सरकार के लिए अध्यादेश प्रतिस्थापन विधेयक प्रस्तुत करने का रास्ता खुलेगा।