Skip to main content

सगरमाथा की चोटी पर मेस्सी की तस्वीर पहुंचाने वाले शेर्पा की इच्छा, मेस्सी से मिलकर उपहार देना चाहते हैं

सगरमाथा आरोही पेम्बा शेर्पा ने २०८२ वैशाख ३० गते पहली बार सगरमाथा की चुचुरो पर मेस्सी की तस्वीर ले जाकर ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। शेर्पा ने बताया कि वे मेस्सी से मिलकर सगरमाथा लेकर पहुँचे बैनर उन्हें भेंट के रूप में देना चाहते हैं।

३ जय, काठमांडू। सगरमाथा आरोही पेम्बा शेर्पा ने विश्व प्रसिद्ध फुटबॉलर मेस्सी की तस्वीर विश्व की सबसे ऊंची चोटी पर ले जाकर नया रिकॉर्ड बनाया है। मिर्गौला प्रत्यारोपण कराए ३८ वर्षीय शेर्पा २०८२ वैशाख ३० गते सगरमाथा चढ़ने में सफल हुए। वे मिर्गौला प्रत्यारोपण के बाद सगरमाथा चढ़ने वाले पहले व्यक्ति भी हैं। उसी दौरान उन्होंने विश्व के सर्वश्रेष्ठ फुटबॉलर मेस्सी की तस्वीर सर्वोच्च शिखर तक ले गए।

विश्वकप २०२६ नजदीक आता देख और मेस्सी भी इस प्रतियोगिता में हिस्सा लेने की तैयारी में हैं, तब तस्वीर सार्वजनिक करने का निर्णय लिया गया, उन्होंने बताया। सगरमाथा पर मेस्सी की तस्वीर पहुंचाने वाले वे पहले व्यक्ति हैं, यह उनका दावा है। उनका कहना है कि मेस्सी का जादुई खेल एवं विनम्र व्यक्तित्व ने किशोरावस्था से ही उनका ध्यान आकर्षित किया। कई बार उपाधि न मिलने पर भी मेस्सी की धैर्यवान बढ़त और साहस से उन्होंने जीवन में प्रेरणा ली है।

‘जब मेरे दोनों मिर्गौले खराब हो गए थे, तब मैं डायलिसिस पर निर्भर था और कई बार जीवन से हार मान चुका था,’ शेर्पा बताते हैं, ‘लेकिन मिर्गौला प्रत्यारोपण के बाद मुझे नई जिंदगी मिली और स्वस्थ होकर मैं सगरमाथा की चुचुरो तक पहुँचने में सफल हुआ।’ २०२२ के कतर विश्वकप में मेस्सी के नेतृत्व में अर्जेंटीना की जीत के समय, शेर्पा ने मिर्गौला प्रत्यारोपण कराए लगभग दो महीने ही हुए थे। मेस्सी का खुशी से हंसना और रोना टीवी पर देखने वाले शेर्पा के लिए यह मेस्सी के जीवन की सबसे बड़ी सफलता थी।

‘मैंने सोचा- वर्षों तक धैर्य रखकर मेस्सी विश्वकप जीत सकते हैं, तो मैं हिमाल चढ़ने में क्यों असफल रहूँ?’ शेर्पा कहते हैं, ‘उसी हौसले के साथ शरीर में अपने पिता का दिया मिर्गौला लेकर और हाथ में मेस्सी की फोटो वाला बैनर रखकर मैं सगरमाथा की चुचुरो तक पहुंचा।’ मेस्सी की विश्वकप ट्रॉफी चुमने की तस्वीर उन्होंने सगरमाथा के शिखर पर लेकर गए। वे मेस्सी से मिलकर यह बैनर उन्हें उपहार स्वरूप देना चाहते हैं। ‘मेरी एक इच्छा है कि मैं मेस्सी से सीधे मिलूं और आने वाले जन्मदिन पर यह ऐतिहासिक बैनर उन्हें भेंट दूं,’ उन्होंने कहा।

सोलुखुम्बु के दूधकोशी गाउँपालिका के स्थायी निवासी शेर्पा का २०७६ साल में दोनों मिर्गौले फेल होने का पता चला था। २०७९ कार्तिक २ गते भक्तपुर के शहीद धर्मभक्त प्रत्यारोपण केंद्र में उनका मिर्गौला प्रत्यारोपण किया गया। इसके डेढ साल बाद वे सगरमाथा आरोहण में सफल हुए।