
समाचार सारांश: चालू आर्थिक वर्ष के ९ महीनों में बैंक एवं वित्तीय संस्थानों से कर्ज़ा मात्र ५.७ प्रतिशत बढ़ा है। ट्रस्ट रिसिप्ट कर्ज़ा ३२ फीसदी बढ़कर १ खरब ६५ अरब २४ करोड़ रुपए पहुंच गया है। घरजग्गा क्षेत्र में कर्ज़ा ३.५ प्रतिशत घटा है, लेकिन ३ करोड़ रुपए तक के आवासीय कर्ज़े में वृद्धि देखी गई है। ३ जेठ, काठमांडू।
चालू आर्थिक वर्ष के ९ महीनों में बैंक तथा वित्तीय संस्थानों द्वारा जारी कुल कर्ज़ा ५.७ प्रतिशत की मामूली वृद्धि दिखा रहा है। पिछले आर्थिक वर्ष के असार मसान्त तक की तुलना में चालू आर्थिक वर्ष के चैत मसान्त तक कुल ३ खरब ११ अरब ९५ करोड़ रुपए अतिरिक्त कर्ज़ा वितरित किया गया है। चैत मसान्त तक बैंक एवं वित्तीय संस्थानों से कुल कर्ज़ा राशि ५८ खरब ९ अरब ६६ करोड़ रुपए पहुंच चुकी है।
क्षेत्रीय दृष्टि से देखें तो ट्रस्ट रिसिप्ट अर्थात् आयात प्रकृति के क्षेत्र में कर्ज़े की वृद्धि दर सबसे अधिक रही है। आयात के लिए व्यापारी और आयातकों को बैंक एवं वित्तीय संस्थान तब तक अल्पकालीन कर्ज़ा (ट्रस्ट रिसिप्ट कर्ज़ा) देते हैं जब तक वे सामग्री बेच नहीं देते। असार मसान्त से चैत मसान्त तक यह कर्ज़ा ३२ प्रतिशत बढ़कर १ खरब ६५ अरब २४ करोड़ रुपए हो गया है।
गत असार मसान्त तक यह कर्ज़ा १ खरब २५ अरब १८ करोड़ रुपए था। कुल आयात में वृद्धि के बावजूद इस क्षेत्र में कर्ज़ा में बढ़ोतरी हुई है। वहीं घरजग्गा क्षेत्र में कर्ज़ा प्रवाह घटा है। नेपाल राष्ट्र बैंक के आंकड़ों के अनुसार, गत आर्थिक वर्ष के असार मसान्त तक की तुलना में चैत मसान्त तक घरजग्गा (रियल एस्टेट) कर्ज़ा ३.५ प्रतिशत घट गया है। चैत मसान्त तक इस क्षेत्र में कुल कर्ज़ा २ खरब ६६ अरब ३७ करोड़ रुपए रहा, जबकि असार मसान्त तक यह २ खरब ७५ अरब ९५ करोड़ रुपए था। हालांकि, ३ करोड़ रुपए तक के आवासीय कर्ज़े में वृद्धि हुई है। चैत मसान्त तक इसका प्रवाह ४ खरब ५८ अरब ७५ करोड़ रुपए तक पहुंचा, जो असार मसान्त तक ४ खरब १७ अरब ५६ करोड़ रुपए था।
हाल के समय में घरजग्गा कारोबार और कीमतों के असर से इस क्षेत्र में कर्ज़ा कम हुआ है, लेकिन आवासीय कर्ज़े की सीमा बार-बार बढ़ाए जाने के कारण कर्ज़ा प्रवाह बढ़ा है। चालू आर्थिक वर्ष की मौद्रिक नीति के तहत यह सीमा २ करोड़ रुपए से बढ़ाकर ३ करोड़ रुपए कर दी गई है।
