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‘नेपाल की नीतिगत जटिलताओं के कारण यूएई में नेपाली उत्पाद अपेक्षित बाजार नहीं पा सके’

यूएई में रहने वाले नेपाली उद्योगी–व्यवसायियों ने नेपाली उत्पादों की गुणवत्ता, पैकेजिंग, लेबलिंग और आपूर्ति निरंतरता में समस्याएं होने की बात कही है। व्यवसायियों ने नेपाल में सीमा शुल्क नीति सुधार, एयर कार्गो शुल्क में छूट और द्विपक्षीय कानूनी समझौते की आवश्यकता पर सुझाव दिया है। राजदूत तेजबहादुर क्षेत्री ने नेपाल और यूएई के बीच व्यापार, निवेश, ऊर्जा, कृषि और पर्यटन क्षेत्रों में व्यापक संभावनाएं होने की जानकारी दी। ४ जेठ, काठमाडौं।

संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में स्थित नेपाली उद्योगी–व्यवसायी इस बात से अवगत कराते हैं कि नेपाल से निर्यात होने वाले उत्पादों की गुणवत्ता, पैकेजिंग, लेबलिंग, आपूर्ति निरंतरता और सरकारी नीतिगत जटिलताओं के कारण नेपाली उत्पाद यूएई के विशाल बाजार में अपेक्षित स्थान नहीं बना पाए हैं। नेपाली दूतावास अबू धाबी द्वारा आयोजित ‘डायस्पोरा डाइनामिक्स: ब्रिजिंग द बोर्डर्स फ्रॉम माइग्रेशन टू मार्केट्स’ विषयक संवाद में भाग लेने वाले व्यवसायियों ने नेपाली उत्पाद निर्यात विस्तार हेतु संरचनात्मक सुधारों की आवश्यकता जताई।

कार्यक्रम में यूएई में व्यापार, उत्पादन, आपूर्ति तथा निवेश से जुड़े नेपाली उद्यमी, अर्थशास्त्री और अबू धाबी स्थित न्यूयॉर्क विश्वविद्यालय के व्यापार शोधकर्ता शामिल थे। दूतावास के अनुसार, कार्यक्रम में प्रवास से व्यवसाय में परिवर्तित हुए नेपाली लोगों ने यूएई के बाजार में स्थापित होने के दौरान सामना की गई समस्याओं, अनुभवों और संभावनाओं पर गहन चर्चा की। राजदूतावास की काउंसलर एवं उपनियुक्त प्रमुख रंजिता दाहाल के मुताबिक, नेपाल से यूएई में विशेष रूप से कृषि उत्पाद आयात कर बिक्री कर रहे नेपाली व्यवसायियों ने उत्पाद गुणवत्ता, पैकेजिंग, लेबलिंग और निरंतर आपूर्ति में समस्याएं बताई हैं।

‘हमारे उत्पादों में अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार गुणवत्ता, आकर्षक पैकेजिंग और उपयुक्त लेबलिंग का अभाव कारण प्रतियोगी बाजार में टिकना कठिन हो रहा है,’ दाहाल ने कहा, ‘एक बार बाजार में स्थापित होने के बाद भी बड़े पैमाने पर निरंतर आपूर्ति न कर पाने के कारण व्यापार का विस्तार मुश्किल हुआ है।’ नेपाल से भेजे जाने वाले सब्जी और अन्य कृषि वस्तुओं में क़्वारंटीन प्रक्रिया और परिवहन में देरी से बाजार तक पहुंचने पर खराब होने और गुणवत्ता गिरने की समस्या व्यवसायियों ने बताई।

यूएई और खाड़ी देशों में खाद्य सामग्री की बिक्री के लिए हलाल प्रमाणन और अरबी भाषा में लेबलिंग अनिवार्य होती है, लेकिन नेपाल से निर्यातित कई उत्पादों में इसका अभाव है, व्यवसायियों ने कहा। मान्यता प्राप्त हलाल प्रमाणपत्र ना होने के कारण नेपाली उत्पाद मुस्लिम खरीदारों के बाजार में सुगमता से प्रवेश नहीं कर पा रहे हैं। यूएई में व्यापार संचालन कर रहे कई नेपाली स्थानीय कर प्रणाली, मूल्यवर्धित कर और अन्य कानूनी व्यवस्थाओं के बारे में उचित जानकारी ना होने के कारण समस्याओं का सामना कर रहे हैं, व्यवसायियों ने यह भी बताया।

व्यवसायियों ने वित्तीय साक्षरता और कानूनी जानकारी से सम्बंधित कार्यक्रम चलाने हेतु दूतावास से आग्रह किया। सहभागी व्यवसायियों ने नेपाल की सीमा शुल्क नीति में समयानुकूल सुधार, एयर कार्गो शुल्क में छूट, प्रदेश स्तर पर नवप्रवर्तन केंद्र की स्थापना, व्यवसाय के लिए अनुकूल वातावरण निर्माण और निर्यात संबंधी अड़चनें हटाने के लिए द्विपक्षीय कानूनी समझौतों की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने नेपाली श्रमिकों की क्षमता विकास और कृषि उत्पादों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए सरकार को गंभीर होने के लिए कहा। यूएई में लगभग ६ से ७ लाख नेपाली कार्यरत हैं, जिसकी वजह से नेपाली उत्पादों के लिए अच्छा बाजार है। यदि इन समस्याओं का समाधान हो जाए तो यूएई में व्यवसाय करना आसान होगा, ऐसा उनका विश्वास है।

कार्यक्रम में राजदूत तेजबहादुर क्षेत्री ने नेपाल और यूएई के बीच व्यापार, निवेश, ऊर्जा, कृषि और पर्यटन क्षेत्रों में व्यापक संभावनाएं होने का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच आवश्यक समझौतों और चर्चाओं को अंतिम रूप देने का कार्य चल रहा है। उन्होंने आर्थिक तथा व्यापारिक संबंधों को सरल बनाने में दूतावास द्वारा नेपाल सरकार के साथ नीतिगत और कानूनी सुधारों में सहजीकरण करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।