‘बजट की अधिकांश आकर्षक घोषणाएँ केवल विज्ञप्ति तक सीमित’ – महालेखा परीक्षक की रिपोर्ट

महालेखा परीक्षक की ६३वीं रिपोर्ट के अनुसार, आर्थिक वर्ष २०८१/८२ के बजट वक्तव्य में उल्लिखित अधिकांश आकर्षक घोषणाएं कार्यान्वयन तक नहीं पहुंच सकीं। सरकार ने कृषि निवेश दशक की घोषणा की थे, लेकिन ३०० उत्पादक संस्थाओं को पूँजी और कर्ज़ उपलब्ध कराने वाला कार्यक्रम अभी तक लागू नहीं हो सका है। राजस्व संग्रह में लक्ष्य का केवल ८४.२८ प्रतिशत ही प्राप्त हुआ है और कर प्रणाली को तकनीकी रूप से उन्नत, पारदर्शी बनाने की आवश्यकता महालेखा परीक्षक ने सुझाई है। ५ जेठ, काठमांडू।
नेपाल सरकार के बजट में रखी गई कई आकर्षक घोषणाएँ केवल विज्ञप्ति तक सीमित रह गई हैं, यह तथ्य सार्वजनिक हुआ है। महालेखा परीक्षक की रिपोर्ट में बताया गया है कि आर्थिक वर्ष २०८१/८२ के बजट वक्तव्य में की गई कई प्रमुख घोषणाएँ अभी पूरी तरह लागू नहीं हुई हैं। सरकार द्वारा २०८१-२०९१ के लिए घोषित कृषि निवेश दशक का कार्यान्वयन अब तक संभव नहीं हो पाया है।
महालेखा परीक्षक ने बताया कि राजमार्ग केंद्रित होकर ३०० उत्पादक संस्थाओं को प्रारंभिक पूँजी एवं कृषि उपज को बंधक देकर आसान कर्ज़ उपलब्ध कराने वाली योजना के कार्यान्वयन के बारे में कोई रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है। घरेलू मदिरा ब्रांडिंग के लिए कानूनी प्रावधान बनाना, सोवरेन वेल्थ फंड की स्थापना, राष्ट्र बैंक ऐन एवं विदेशी विनिमय ऐन में संशोधन जैसी प्रक्रियाएं भी शुरू नहीं हो सकी हैं।
महालेखा परीक्षक ने कहा है, ‘सभी कर योग्य गतिविधियों को कर दायरे में लाकर करदाता आधार का विस्तार करना आवश्यक है। इसी के साथ राजस्व प्रणाली को तकनीकी रूप से उन्नत, स्वचालित, पारदर्शी और करदाताओं के अनुकूल बनाकर कर भागीदारी एवं राजस्व संग्रह में वृद्धि करनी होगी।’ सरकार ने आर्थिक वर्ष २०८१/८२ का राजस्व संग्रह लक्ष्य रखा था, जिसमें से मात्र ८४.२८ प्रतिशत ही संग्रहित हो पाया है।
