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संसदीय समिति में नेपाल-भारत संबंधों का विवाद और चर्चा

भारतीय विदेश सचिव विक्रम मिश्री के नेपाल दौरे को भारत में महत्वपूर्ण बैठक के चलते स्थगित किए जाने की सूचना विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने दी है। नेपाल और भारत के बीच लिपुलेक सीमा विवाद को कूटनीतिक संवाद के माध्यम से सुलझाने का प्रयास जारी है और तकनीकी समिति सक्रिय रूप से काम कर रही है, उन्होंने बताया। उन्होंने कहा कि नेपाल की विदेश नीति संविधान के अनुसार निर्पेक्षता नीति पर आधारित है और नई सरकार आर्थिक कूटनीति तथा सॉफ्ट पावर पर विशेष जोर दे रही है। ६ जैठ, काठमांडू। नई सरकार के गठन के साथ ही नेपाल-भारत संबंधों में आम रुचि बढ़ी है। भारतीय विदेश सचिव विक्रम मिश्री के प्रस्तावित नेपाल दौरे का स्थगित होना और लिपुलेक सीमा विवाद का पुनः उठना इस चिंता को और बढ़ा रहा है। इन विषयों को वर्तमान में संसदीय समिति के एजेंडे में शामिल किया गया है। नई सरकार द्वारा अपनाई जाने वाली विदेश नीति, भारत के साथ संबंध और चीन-भारत दोनों के साथ संतुलन के विषय संसद के संसदीय मंच पर चर्चा के लिए उठाए जाने लगे हैं।

बुधवार को हुई प्रतिनिधि सभा के अंतर्गत अंतरराष्ट्रीय संबंध और पर्यटन समिति की बैठक में राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के सांसद सुरेंद्र चौधरी ने भारतीय विदेश सचिव विक्रम मिश्री के नेपाल दौरे स्थगित होने पर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा, ‘भारतीय विदेश सचिव आ रहे हैं लेकिन हमारे प्रधानमंत्री का विभाग खाली होने के कारण बैठक नहीं हो सकी, यह क्या मामला है?’ विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने जवाब देते हुए बताया कि भारत में महत्वपूर्ण बैठकों के कारण उनका दौरा स्थगित हुआ है। ‘‘उनके भारत में आंतरिक तथा अन्य महत्वपूर्ण बैठकों के कारण यह स्थगित हुआ, परराष्ट्र मंत्रालय को इस बारे में जानकारी मिली है,’’ मंत्री खनाल ने कहा।

प्रधानमंत्री बालेन के नेतृत्व में नई सरकार के गठन के बाद भारत ने विदेश सचिव मिश्री को काठमांडू भेजने का निर्णय लिया था। नई सरकार की प्राथमिकताओं और द्विपक्षीय संबंधों को नए आयाम देने के उद्देश्य से मिश्री के दौरे का निर्धारण हुआ था, लेकिन आखिरी समय में इसे स्थगित किया गया। इस प्रकार नेपाल-भारत संबंधों के विभिन्न पहलुओं पर लगातार चर्चा हो रही है। नई सरकार गठन के पश्चात भारत ने तुरंत शुभकामनाएं दीं। भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समकक्ष प्रधानमंत्री बालेन को औपचारिक रूप से भारत दौरे का निमंत्रण भी दिया है। मिश्री के दौरे स्थगित होने के बाद कुछ पक्षों ने आशंका भी व्यक्त की है। हालांकि, सार्वजनिक रूप से मीडिया में प्रदर्शित खबरों के विपरीत स्थिति नहीं होने की बात विदेश मंत्री खनाल ने कही।

संसदीय समिति की बैठक में उन्होंने भारतीय राजदूत के साथ हुई वार्ता का भी उल्लेख किया। ‘‘मेरे साथ हुई औपचारिक मुलाकात में राजदूत ने मुस्कुराते हुए कहा कि यदि केवल मीडिया देखी जाए तो ऐसा लग सकता है कि हम युद्ध की स्थिति में हैं,’’ उन्होंने कहा, ‘‘औपचारिक प्रक्रियाओं और संवाद में हमे सौहार्दता मिली है।’ इसके बावजूद इसके बारे में गलत धारणा बन रही है। ‘‘वर्तमान में जो नरेटिव बन रहा है वह यह कि दौरा न होने के कारण नेपाल-भारत संबंध बेहद ठंडे हो गए हैं, लेकिन हमारे औपचारिक संवादों में ऐसा नहीं कहा जा सकता,’’ खनाल ने कहा। ‘‘विभिन्न विषयों में घनिष्ठ संवाद जारी है। नेपाल-भारत के बीच कनेक्टिविटी के विषय पर भी हम कई संवाद कर रहे हैं।’’