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धनगढी के मेयर के न पहुँचने से पहले वर्ड सदस्य के परिवार पर हमला, पुलिस ने नहीं दिया पूर्व सूचना

समाचार सारांश

  • बाजुरा के लाम्पाटा क्षेत्र में सीमा विवाद के कारण धनगढी उपमहानगरपालिका के मेयर गोपाल हमाल के नेतृत्व वाली टीम को स्थानीय लोगों ने पत्थरबाजी कर रोका था।
  • हिमाली गाउँपालिका-3 के वर्ड सदस्य पेमा गारा गुरुङ और उनके परिवार को पुलिस चौकी निर्माण के चलते जानलेवा कूपटिट किया गया है।
  • धनगढी टीम को साइपाल रानीसैन बेसकैंप जाने की सुरक्षा एजेंसियों ने पूर्व सूचना नहीं दी, जिससे टीम पर हमला हुआ और बाद में संयमता दिखाकर वापस लौट आए।

7 जेठ, धनगढी। बाजुरा में सीमा विवाद को लेकर गुस्साए हुए समूह ने पत्थरबाजी की जिसके बाद पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए साइपाल के रानीसैन बेसकैंप जाने वाली टीम वापस आ गई।

‘हमारा सुदूरपश्चिम, हम पहचानते हैं’ अभियान के तहत धनगढी उपमहानगरपालिका के मेयर गोपाल हमाल के नेतृत्व में टीम साइपाल हिमाल के रानीसैन बेसकैंप की ओर जा रही थी।

लेकिन, बाजुरा-हुम्ला सीमा विवाद के कारण हिमाली गाउँपालिका-3 के लाम्पाटा में एक समूह ने मेयर हमाल की टीम को आगे बढ़ने से रोका। पत्थरबाजी कर हमला करने पर पर्यटन को बढ़ावा देने आए हुए जनप्रतिनिधि, कर्मचारी और अन्य सरोकारियों को भागकर अपनी जान बचानी पड़ी।

लगभग तीन सौ की संख्या में हुम्ला के खार्पुनाथ गाउँपालिका-2 थाली के स्थानीय लोगों ने पत्थरबाजी की जिसके बाद दौड़ती हुई टीम का दृश्य सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है।

थाली के लोग लाम्पाटा क्षेत्र पर अपना दावा जता रहे थे और इसी वजह से विवाद उत्पन्न हुआ था।

सुदूरपश्चिम प्रदेश सरकार ने पुलिस चौकी निर्माण के लिए 40 लाख बजट जारी किया था, जिसके बाद स्थिति और जटिल हो गई। खार्पुनाथ के लोग किसी भी हालत में पुलिस चौकी निर्माण नहीं चाह रहे थे। धनगढी से टीम आने की खबर मिलते ही स्थानीय लोग वहीं एकत्रित हो गए।

वर्ड सदस्य के परिवार पर जानलेवा कूपटिट

हिमाली गाउँपालिका-3 के वर्ड सदस्य पेमा गारा गुरुङ ने लाम्पाटा में अस्थायी पुलिस चौकी के लिए जमीन दान की थी। इसके बाद वे हुम्ला के खार्पुनाथ के थाली लोगों की आंखों में चुभने लगे।

लाम्पाटा क्षेत्र पर अपना दावा जताने वाले थालीपासी लोगों ने गुरुङ के परिवार पर हमला किया, स्थानीय लोगों ने बताया।

2 जेठ से ही दोनों जिलों की सीमा पर स्थित लाम्पाटा में वर्ड सदस्य के घर के सामने वे लोग जमा थे। पुलिस चौकी के लिए जमीन देने के कारण 3 जेठ को गुरुङ के घर पर हमला हुआ। गुरुङ और उनकी पत्नी लक्ष्मी गुरुङ को घर में ही पीटा गया।

हिमाली गाउँपालिका के अध्यक्ष गोविन्दबहादुर मल्ल ने बताया कि वर्ड सदस्य के परिवार पर हमला कर घर कब्जा कर लूटपाट भी हुई है।

इसी बीच हिमाली के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी कुलबहादुर थापा पर भी हमला हुआ है, लेकिन संचार संपर्क न होने के कारण स्थिति की पूरी जानकारी नहीं मिल सकी।

धनगढी के मेयर हमाल की टीम को साइपाल तक ले जाने में मदद करने वाले अध्यक्ष मल्ल ने बताया कि पुलिस प्रशासन ने पर्याप्त सूचना न देने के कारण दूसरी बार हमला हुआ।

‘पहले ही वर्ड सदस्य के परिवार को पीटकर खार्पुनाथ के स्थानीय लोगों ने कब्जा कर लिया था। जिले के पुलिस प्रमुख से पूछने पर बताया गया कि मामला सामान्य है और ठीक हो चुका है,’ मल्ल ने कहा, ‘फिर भी धनगढी की टीम आगे बढ़ी। वहां पहुंचते ही स्थिति अलग निकली। मुश्किल से जान बचाकर लौटे।’

उनके अनुसार लाम्पाटा पहुंचने पर ही वर्ड सदस्य के परिवार पर इतनी ज्यादा मारपीट हुई यह पता चला। धनगढी की टीम पहुंचने पर ही वे आक्रोशित समूह से मुक्त हुए थे।

ड्रोन उड़ाने के कारण हमला?

झड़प में घायल हुए व्यक्ति

बाजुरा जिला पुलिस कार्यालय की रिपोर्ट में उल्लेख है कि धनगढी उपमहानगरपालिका की टीम ने लाम्पाटा में ड्रोन उड़ाकर वीडियो शूट किया, जिससे विवाद उत्पन्न होकर हमला हुआ।

लेकिन धनगढी की पर्यटन वृद्धि टीम के पहुंचने से पहले ही वर्ड सदस्य सहित अन्य लोगों पर हमला हो गया था। अध्यक्ष मल्ल ने बताया कि यह ड्रोन उड़ाने का विषय नहीं बल्कि पुराना सीमा विवाद और योजनानुसार हमला था।

हिमाली गाउँपालिका के जनप्रतिनिधि और कर्मचारी रानीसैन बहस कार्यक्रम के लिए साइपाल के रानीसैन जा रहे थे। साथ में जिला समन्वय समिति के प्रमुख तुलसीराम रोकाया भी थे।

पहले हिमाली गाउँपालिका की टीम और बाद में धनगढी की टीम थी। धनगढी टीम घटना स्थल तक नहीं पहुंच सकी, लेकिन खार्पुनाथ के स्थानीय समूह ने हिमाली की टीम पर हमला किया और उन्हें तलक पीछे धकेल दिया।

पुलिस ने पूर्व सूचना नहीं दी

धनगढी के मेयर गोपाल हमाल ने बताया कि लाम्पाटा में स्थानीय लोगों के बीच सीमा विवाद है और कूपटिट होने की जानकारी उन्हें पहले नहीं मिली।

फकत लाम्पाटा के पास पहुंचने पर ही वर्ड सदस्य सहित परिवार पर जानलेवा कूपटिट का पता चला और इसके बाद वे आगे नहीं बढ़े।

लेकिन हिमाली गाउँपालिका के अध्यक्ष सहित की टीम को वहां से भगाने के बाद वे उस जगह तक पहुंचे। ‘अगर हमें पता चलता कि वहां स्थानीय लोगों के बीच विवाद है तो हम नहीं जाते। वह जानकारी हमें नहीं मिली,’ हमाल ने कहा, ‘वर्ड सदस्य पर हमला होने की सूचना मिलने पर हम पहाड़ पर नहीं चढ़े। हिमाली अध्यक्ष पर हमला शुरू हुआ तो वे दौड़ते हुए नीचे आए। आक्रोशित समूह ने काठे पुल भी तोड़ दिया। इसके बाद हम वापस लौट आए।’ उन्होंने जोर देकर कहा कि ड्रोन उड़ाने के कारण नहीं था।

‘हमारा सुदूरपश्चिम, हम पहचानते हैं’ अभियान के तहत धनगढी के मेयर समेत टीम 31 वैशाख को साइपाल बेसकैंप रानीसैन की ओर गई थी। भ्रमण की जानकारी पहले से 29 वैशाख को बाजुरा के प्रमुख जिला अधिकारी को दी गई थी।

लेकिन सुरक्षा एजेंसियों ने रानीसैन जाने वालों को लाम्पाटा में हुए घटनाओं के बारे में पूर्व सूचना नहीं दी, जिसके कारण टीम पर हमला और दुर्व्यवहार हुआ।

धनगढी और बाजुरा के हिमाली गाउँपालिका की भ्रमण टीम संयमता अपनाकर लौट आई, इसलिए दोहरा घटनाक्रम नहीं हुआ।

हिमाली गाउँपालिका गुम्बा पहुंचने के बाद मेयर हमाल ने प्रमुख जिला अधिकारी और गृह सचिव से सम्पर्क कर घटना की जानकारी दी और घायल लोगों के तुरंत उद्धार की मांग की। इसके बाद 3 जेठ को जानलेवा हालत में मारे गए वर्ड सदस्य सहित को सरकार ने बुधवार को हेलीकॉप्टर से बचाया।