
७ जेठ, काठमाडौं । प्रमुख विपक्षी नेपाली कांग्रेस संसदीय दल के नेता भीष्मराज आङ्देम्बे ने सभामुख डोलप्रसाद अर्याल की कार्यशैली के प्रति अपनी असंतोष व्यक्त की है। संसद बैठक के संचालन के दौरान तटस्थता, निष्पक्षता तथा संसदीय मर्यादा की मूल मान्यताओं को ठेस पहुँचने के कारण आङ्देम्बे ने सभामुख अर्याल की भूमिका को खेदजनक बताया है। उन्होंने सभामुख के अभिव्यक्तियों पर भी आपत्ति जताई है।
‘संसद विपक्ष की होती है। सभामुख संसद को सुव्यवस्थित करने वाला संवैधानिक अंग है,’ आङ्देम्बे ने अपने गृह जिले पाँचथर में गुरुवार आयोजित कार्यक्रम में कहा, ‘लेकिन आज जब विपक्ष अपनी धारणा व्यक्त करता है, तब सभामुख की ओर से आई अभिव्यक्तियाँ संसदीय और उपयुक्त नहीं लग रही हैं। वह अभिव्यक्तियाँ पक्षपाती भी प्रतीत होती हैं।’ संसद में विपक्ष द्वारा उठाए गए मुद्दों को सरकार तक पहुँचाने में सभामुख की असफलता के कारण सदन में असंतोष बढ़ रहा है, उन्होंने टिप्पणी की।
‘अभी सभामुख संसद में उठाए गए विषयों को सरकार तक पहुँचाने में सक्षम नहीं हो पाए हैं, जिसके परिणामस्वरूप विपक्षी दलों में असंतोष बढ़ा है,’ उन्होंने कहा। श्रम संस्कृति पार्टी द्वारा संसद में पम्पलेट दिखाकर विरोध करने पर सभामुख अर्याल द्वारा संसदीय मर्यादा बनाए रखने की चेतावनी देने पर भी आङ्देम्बे ने असहमति व्यक्त की। ‘हम जब प्लेकार्ड के जरिए अपनी असंतोष व्यक्त करते हैं, तो उसे अमर्यादित कहना गलत और अनुचित है,’ उन्होंने कहा।
उन्होंने स्मरण कराया कि जब वे विपक्ष में थे, तत्कालीन सांसद और वर्तमान सभामुख अर्याल भी वेल्ला पहुँ जाकर नीला स्कार्फ पहनकर आंदोलन कर चुके हैं, वेल्ला में बैठकर किताब पढ़ा करते थे, लेकिन उसे अवरोध के रूप में प्रस्तुत किया गया था। ‘जो गतिविधि उस समय उचित मानी गई, वही विपक्ष द्वारा प्लेकार्ड के माध्यम से अपनी असंतोष व्यक्त करने पर क्यों अमर्यादित ठहराई जाती है?’ उन्होंने प्रश्न किया।
