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पूर्व वित्त मंत्रियों का सुझाव: खुदरा परियोजनाओं को बजट में न डालने से पहले उचित तैयारी जरूरी

वित्तमंत्री डॉ. स्वर्णिम वाग्ले ने आगामी वित्त वर्ष के बजट की तैयारी के लिए 8 पूर्व वित्त मंत्रियों से सुझाव एकत्रित किए हैं। इन पूर्व वित्त मंत्रियों ने बिना उचित तैयारी के खुदरा परियोजनाओं को बजट में शामिल न करने और आर्थिक सुधार कार्यदल की रिपोर्ट को लागू करने की आवश्यकता पर बल दिया है। उन्होंने निजी क्षेत्र को विद्युत व्यापार में स्वतंत्रता के साथ प्रवेश देने, राजस्व वृद्धि पर सीमाएं लगाने और राष्ट्रीय गौरव वाली परियोजनाओं में मनमानी रोकने की भी सलाह दी है। 7 जेठ, काठमाडौं।

डॉ. वाग्ले ने बुधवार को काठमाडौं में आयोजित कार्यक्रम में 8 पूर्व वित्त मंत्रियों से आगामी बजट के संदर्भ में विविध सुझाव लिए। इस अवसर पर पूर्व वित्त मंत्रियों ने बिना पूर्व तैयारी के खुदरा परियोजनाओं को बजट में सम्मिलित करना उचित नहीं बताया। निवर्तमान वित्तमंत्री रमेश्वर खनाल ने उच्च स्तरीय आर्थिक सुधार प्रस्ताव प्रस्तुत करने वाले कार्यदल की रिपोर्ट को पूर्ण रूप से लागू करने पर जोर दिया। उन्होंने बिना तैयारी के रखे गए खुदरा और टुकड़े-टुकड़े परियोजनाओं के लिए बजट न देने की भी सलाह दी।

पूर्व वित्त मंत्री शंकर कोइराला ने रमेश्वर खनाल सहित पूर्व आर्थिक रिपोर्टों के अनुश्रवण का सुझाव दिया। उन्होंने वित्तमंत्री को सफलता की शुभकामनाएं देते हुए विद्युत व्यापार में निजी क्षेत्र को खुला करने की वकालत भी की। डॉ. युवराज खतिवड़ा ने वित्तमंत्री को बजट सीमाओं के भीतर रहने की सलाह देते हुए राजस्व वृद्धि को 10 से 12 प्रतिशत तक सीमित रखने की बात कही। उन्होंने सुझाव दिया कि आगामी बजट का आकार लगभग साढे 20 खर्ब रुपैयाँ के आसपास होना चाहिए।