सार्वजनिक परिवहन पंजीकरण में ‘इमरजेंसी ब्रेक’ लागू, संबंधित पक्षों में असमंजस

समाचार सारांश
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- सरकार ने सार्वजनिक परिवहन पंजीकरण पर अनिश्चितकाल के लिए ‘इमरजेंसी ब्रेक’ लगाया है और सभी प्रदेश मंत्रालायों तथा स्थानीय निकायों को पंजीकरण रोकने का पत्र भेजा है।
- नेपाल यातायात व्यवसायी राष्ट्रीय महासंघ के अध्यक्ष सरोज सीटौल ने इस निर्णय को बिना पूर्व चर्चा और तैयारी के बताया, और वर्तमान परिस्थिति में इसे सकारात्मक दृष्टिकोण से लेने की बात कही।
- नेपाल चेम्बर ऑफ कॉमर्स ने पंजीकरण रोकने के फैसले को व्यवसायियों के लिए आर्थिक जोखिम बताते हुए तत्काल पुनर्विचार करने की सरकार से अपील की है।
८ जेठ, काठमांडू। सरकार ने सार्वजनिक परिवहन के पंजीकरण में ‘इमरजेंसी ब्रेक’ लगा दिया है।
यातायात व्यवस्था विभाग ने गुरुवार को सभी प्रदेश मंत्रालयों और स्थानीय निकायों को पत्र भेजकर परिवहन पंजीकरण रोकने का निर्देश दिया है।
विभाग के अनुसार, सवारी तथा यातायात व्यवस्था ऐन २०४९ के तहत, पर्यावरण प्रदूषण, वाहन आवागमन की अधिकता, सड़क की स्थिति, आवागमन में कठिनाई या अन्य सार्वजनिक हित के कारण किसी भी प्रकार के वाहन पंजीकरण को रोकने का विभाग को अधिकार प्राप्त है।
विभाग के निदेशक मणिराम भुसाल द्वारा लिखे पत्र में दो मुख्य कारण बताए गए हैं। पहला, ‘सार्वजनिक परिवहन का वैज्ञानिक प्रबंधन न हो पाने के कारण अत्यधिक वायु प्रदूषण, वाहन जाम और ट्रैफिक जाम बढ़ने से आवागमन में दिक्कतें उत्पन्न होना।’
दूसरा, ‘ईंधन के दामों में वृद्धि से सार्वजनिक परिवहन को हुई असुविधा और समस्याओं को सुलझाने के लिए सार्वजनिक परिवहन की उचित व्यवस्था आवश्यक होना।’
सरकार ने ईंधन की कीमत वृद्धि को आधार बनाकर स्वदेशी विद्युत से चलने वाले वाहनों समेत सभी वाहनों के पंजीकरण को रोक दिया है, हालांकि इस विषय में अधिक स्पष्टता नहीं दी गई है।
पूर्वाधार विकास मंत्रालय के प्रवक्ता रामहरि पोखरेल ने कहा कि यह निर्णय विभाग की ओर से लिया गया है, पर उन्हें आधिकारिक जानकारी प्राप्त नहीं हुई है। विभाग के उच्च अधिकारियों से संपर्क नहीं हो सका है।
नेपाल यातायात व्यवसायी राष्ट्रीय महासंघ के अध्यक्ष सरोज सीटौल ने कहा कि यह निर्णय बिना पूर्व चर्चा और तैयारी के अचानक लिया गया है। उन्होंने इसे ‘इमरजेंसी ब्रेक’ के समान बताया।
‘सार्वजनिक परिवहन में कई समस्याएं हैं और सुधार जरूरी है, इस पर प्रधानमंत्री कार्यालय और यातायात मंत्रालय के साथ विभिन्न दौर की चर्चा चल रही थी, लेकिन अचानक पंजीकरण रोकने का नोटिस आ गया,’ उन्होंने कहा, ‘फिलहाल हम इसे सकारात्मक रूप से लेकर सरकार के अगले कदम का इंतजार करेंगे।’
विभाग ने अनिश्चितकाल के लिए पंजीकरण रोकने का आदेश दिया है और अगली सूचना तक यह लागू होगा।
‘हजारों बसें पाइपलाइन में हैं, कई गेराज में निर्माणाधीन हैं, तथा कुछ आयात के रास्ते में हैं,’ उन्होंने कहा, ‘यदि पंजीकरण लंबी अवधि के लिए रोका गया तो इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।’
हालांकि, इस कदम से सार्वजनिक परिवहन में व्याप्त बुराइयों को खत्म करने में मदद मिलेगी, इसलिए व्यवसायी इस निर्णय का पूर्ण समर्थन करते हैं।
‘लाल नंबर प्लेट वाले वाहन भी मनमानी कर रहे थे, सार्वजनिक परिवहन में सामान ले जाया जा रहा था,’ उन्होंने कहा, ‘किस वाहन का पंजीकरण किस उद्देश्य से हुआ है, इसका डेटा न होने के कारण कुछ समय के लिए पंजीकरण रोकना सकारात्मक कदम है।’
सही आंकड़े न होने से नियंत्रण में दिक्कतें आने की बात करते हुए उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक ट्रैकिंग सिस्टम के माध्यम से सार्वजनिक परिवहन को व्यवस्थित करने की आवश्यकता बताई।
‘देश भर में कितने वाहन हैं और वे किस उद्देश्य से चल रहे हैं, इसका विभाग के पास भी कोई डेटा नहीं है, बिना व्यवस्थित किए यातायात प्रबंधन संभव नहीं है,’ उन्होंने कहा।
चेम्बर का विरोध
नेपाल चेम्बर ऑफ कॉमर्स ने सार्वजनिक वाहन पंजीकरण रोकने के निर्णय पर गंभीर चिंता व्यक्त की है।
चेम्बर ने शुक्रवार को जारी विज्ञप्ति में कहा कि यातायात व्यवस्था विभाग ने वैज्ञानिक प्रबंधन के उद्देश्य से अगले आदेश तक सभी सार्वजनिक वाहनों (विद्युत वाहन सहित) की पंजीकरण प्रक्रिया रोकी है, जिससे ऑटोमोबाइल व्यवसायी गंभीर आर्थिक जोखिम में पड़े हैं।

चेम्बर के अनुसार, सार्वजनिक परिवहन को वैज्ञानिक, व्यवस्थित और दीर्घकालीन बनाने की सरकार की नीति स्वागत योग्य है, लेकिन बिना पूर्व सूचना, चर्चा या समन्वय के पंजीकरण रोकना व्यावहारिक नहीं है।
विज्ञप्ति में कहा गया है कि विभिन्न बैंक और वित्तीय संस्थानों से ऋण लेकर एलसी के तहत आयात किए गए सैकड़ों वाहन भन्सार प्रक्रिया पूरी कर पंजीकरण की प्रतीक्षा में हैं, कुछ ट्रांजिट में हैं और कुछ निर्माता कंपनियों से आदेश के अनुसार निर्मित तथा डिस्पैच हो चुके हैं, अचानक पंजीकरण रोकने से निवेश जोखिम में पड़ गया है।
चेम्बर ने चेतावनी दी है कि सार्वजनिक परिवहन के लिए आयात किए गए ऐसे वाहन अन्य क्षेत्रों में बेचना या उपयोग करना संभव नहीं है, जिससे व्यवसायी गंभीर आर्थिक संकट में पड़ सकते हैं।
यह निर्णय अंतरराष्ट्रीय निर्माता कंपनियों के साथ नेपाली व्यवसायियों की विश्वसनीयता पर नकारात्मक असर डाल सकता है।
कोविड-19 महामारी के दौरान सरकार द्वारा अचानक वाहन आयात रोकने से नेपाली व्यवसायियों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारी नुकसान हुआ था, वर्तमान निर्णय भी नेपाल के व्यापारिक माहौल के लिए नकारात्मक संदेश दे सकता है, चेम्बर ने चिंता जताई है।
चेम्बर ने सार्वजनिक परिवहन सेवा, रोजगार, ऑटोमोबाइल व्यवसाय, बैंकिंग क्षेत्र की निवेश और सरकारी राजस्व संग्रहण पर भी इस निर्णय के नकारात्मक प्रभाव की चेतावनी देते हुए तत्काल पुनर्विचार करने का आग्रह किया है।
चेम्बर अध्यक्ष कमलेश कुमार अग्रवाल ने पंजीकरण प्रक्रिया में चल रहे, ट्रांजिट में मौजूद और पूर्व स्वीकृत प्रक्रियाओं के तहत आयात किए गए वाहनों के पंजीकरण और संचालन में सहूलियत देने की मांग की है।
साथ ही निजी क्षेत्र और संबंधित पक्षों के साथ समन्वय एवं परामर्श कर व्यावहारिक, वैज्ञानिक और दीर्घकालीन नीति अपनाने का आह्वान किया है।
