कांग्रेस की कोशी कार्यशाला में 28 बिंदुओं वाला ‘कोशी संकल्प’ जारी (पूर्णपाठ)

9 जेठ, काठमाडौं। नेपाली कांग्रेस के सुनसरी के लौकही में सम्पन्न दो दिवसीय प्रदेश स्तरीय परामर्श कार्यशाला में 28 बिंदुओं वाला ‘कोशी संकल्प’ जारी कर कार्यक्रम का समापन हुआ। कांग्रेस के केंद्रीय नीति, अनुसंधान तथा प्रशिक्षण प्रतिष्ठान द्वारा आयोजित इस कार्यशाला ने राष्ट्रीय और पार्टी राजनीति के विभिन्न 28 बिंदुओं वाले संकल्प सार्वजनिक किए।
इस संकल्पपत्र में किरात सभ्यता के उद्गम से लेकर सगरमाथा की चोटी से केचनकवल की तलहटी तक फैले कोशी प्रदेश की पहचान, प्रतिष्ठा, संस्कृति, सभ्यता, भाषा, कला, साहित्य, कृषि, पर्यटन, प्राकृतिक स्रोतों और सांस्कृतिक वैभव पर गर्व व्यक्त करते हुए प्रदेशवासियों की भावनानुसार इसका संरक्षण एवं संवर्धन करने में दृढ़ता व्यक्त की गई है।
पूर्णपाठ इस प्रकार है :
‘कोशी संकल्प‘
किरात सभ्यता के उत्थान स्थल, सगरमाथा की चोटी से केचनकवल के तल तक, कोशी प्रदेश की पहचान-प्रतिष्ठा, संस्कृति और सभ्यता, भाषा, कला और साहित्य, कृषि और पर्यटन, प्राकृतिक संसाधन और सांस्कृतिक वैभव को गर्व के साथ अपना कर प्रदेशवासियों की भावना के अनुसार इसका संरक्षण और संवर्धन करते हुए,
प्राकृतिक संसाधन, धार्मिक एवं सामाजिक पहचान से युक्त सांस्कृतिक वैभव से पूर्ण कोशी प्रदेश की पहचान, समावेशी और समानुपातिक प्रतिनिधित्व, समान अवसर, राज्य सत्ता में न्यायपूर्ण पहुंच और विविधता सहित कोशी का आत्म-सम्मान तथा कोशी की प्रगति के लिए अधिक सक्रिय रहने की प्रतिबद्धता के साथ,
नेपाली कांग्रेस ने समृद्ध नेपाल के निर्माण के लिए प्रमुख आधार गांव और नगर को मानते हुए संविधानतः जनप्रत्यक्ष सरोकार विषयों में तत्काल सेवा उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी स्थानीय सरकारों को सौंपे जाने की मंशा को स्वीकार करते हुए,
नेपाल का संविधान, स्थानीय सरकार संचालन विधि, नेपाली कांग्रेस के संकल्प एवं प्रतिज्ञा के साथ-साथ सुशासन के मानदंडों और आम नागरिकों के प्रति जवाबदेही को पूरी तरह आत्मसात करते हुए कांग्रेस नेतृत्व वाली स्थानीय सरकारें नीति कार्यक्रमों के माध्यम से स्थानीय गतिविधियों को अधिक नागरिक-मित्रवत, सुशासनयुक्त तथा परिणाममुखी बनाने की प्रतिबद्धता रखेंगी।
नेपाली कांग्रेस, केन्द्रीय नीति अनुसंधान तथा प्रशिक्षण प्रतिष्ठान के आयोजन में 2083 जेष्ठ 8 और 9 को कोशी प्रदेश के लौकही, सुनसरी में सम्पन्न कोशी प्रदेश और स्थानीय सरकार के जनप्रतिनिधि एवं पार्टी के केन्द्र, प्रदेश, जिला एवं स्थानीय स्तर के नेताओं के संवाद, विषय आधारित चर्चा और व्यापक अंतरक्रिया के आधार पर इस सभा ने निम्न 28 बिंदु संकल्प किए।
1. प्रदेश सभा द्वारा प्रदेश के नामकरण के बाद उभरने वाले सभी पक्षों की भावनाओं का सर्वपक्षीय सहभागिता एवं खुला संवाद के माध्यम से सम्मानपूर्वक समाधान किया जाना आवश्यक है, और इस प्रदेश स्तरीय सभा ने इसके लिए आवश्यक पहल करने का संकल्प लिया।
2. नागरिक-केंद्रित जवाबदेह सरकार: संविधान से प्राप्त नागरिक स्वतंत्रता, अधिकार और सुरक्षा की रक्षा करते हुए नागरिक-केंद्रित नीतियों के माध्यम से उत्तरदायी एवं जवाबदेह सरकार प्रभावी ढंग से काम करेगी।
3. कानून का शासन: कानून आधारित निर्णय लेने का दृढ़ संकल्प रखते हुए संघीय सरकार को संविधान के मूल उद्देश्य, विधि प्रक्रिया और नागरिकों के सम्मान का ध्यान रखते हुए काम करने का अनुरोध किया जाएगा।
4. अच्छे अभ्यास अपनाना: कांग्रेस नेतृत्व वाली स्थानीय सरकारों द्वारा किए गए अच्छे अभ्यासों और नवोन्मेषी अभियानों को एक-दूसरे अपनाएंगे।
5. प्रदेश की संरचनात्मक एवं प्रशासनिक सुधार: अनावश्यक संरचनाओं का समायोजन या निराकरण करते हुए प्रदेश सरकार की संरचनात्मक और प्रशासनिक रूपांतरण किया जाएगा तथा स्थानीय सरकार के साथ साझेदारी में स्थानीय स्तर से किए जाने वाले कार्यों को आगे बढ़ाया जाएगा।
6. ऑनलाइन एवं घर-आंगन में सेवाएं: “घर-आंगन सेवा” को प्रभावी बनाते हुए जन्म और मृत्यु登记, स्वास्थ्य बीमा पंजीकरण एवं नवीकरण जैसी सेवाएं घर बैठे उपलब्ध कराई जाएंगी। अपंग, दीर्घकालिक रोगी, वरिष्ठ नागरिक, गर्भवती एवं प्रसूता महिलाओं को घर पर आधारभूत स्वास्थ्य जांच दी जाएगी।
7. वित्तीय अनुशासन: सभी स्थानीय सरकारें असार 10 तक अनिवार्य रूप से बजट प्रस्तुत करेंगी तथा योजना परिपालन के सातों चरणों का पालन करेंगी। “शून्य बेरुजु स्थानीय तह” के निर्माण में विशेष पहल की जाएगी और व्यय मानदंडों का कठोरता से पालन किया जाएगा।
8. योजना बैंक: केवल योजना बैंक के माध्यम से योजना तर्जुमा की जाएगी, असंबद्ध योजनाओं और बिनियोजित स्रोत सीमा से परे पारदर्शीता एवं जवाबदेही के बिना निर्णय या कार्य नहीं होंगे। अनुत्पादक क्षेत्रों में निवेश नहीं किया जाएगा। तीनों सरकारों के बीच योजना बैंक में सामंजस्य लाने के लिए प्रदेश और संघीय सरकार से आग्रह होगा।
9. स्थानीय कच्चे माल आधारित उद्योगों और युवाओं के नए नवाचारों को कर में विशेष छूट दी जाएगी। इलायची, चाय, अदरक, एवोकाडो, नींबू, सेब, आम जैसे नकदी फसलों के लिए एकीकृत कृषि क्षेत्र बनाएंगे। किसानों के उत्पादन को सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचाने के लिए उपज संग्रह केंद्र और कृषि एम्बुलेंस की व्यवस्था होगी।
10. ‘उद्यमी माँ‘ कार्यक्रम चलाकर महिलाओं के पारंपरिक कौशल को उद्यम में परिवर्तित किया जाएगा।
11. विराटनगर-इटहरी औद्योगिक कॉरिडोर को विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZ) के रूप में पूर्ण रूप से संचालित कर औद्योगिक पुनरुत्थान किया जाएगा।
12. वराहक्षेत्र, पाथीभरा, हलेसी जैसे धार्मिक स्थलों को जोड़ते हुए “आध्यात्मिक पर्यटन मार्ग” विकसित किया जाएगा।
13. जल पर्यटन, सगरमाथा, कंचनजंघा एवं मकालु हिमालय क्षेत्रों में पर्वतारोहण जैसे साहसिक पर्यटन और कोशी के युवाओं की खेल प्रतिभा को ध्यान में रखते हुए खेलकूद पूर्वाधार बनाए जाएंगे तथा निजी क्षेत्र को आकर्षित करने के लिए “एक द्वार सेवा” का विस्तार किया जाएगा। पदयात्रा गंतव्य स्थलों पर होमस्टे भी बढ़ाया जाएगा।
14. स्वास्थ्य बीमा ब्रांडिंग: कांग्रेस की पहल से प्रारंभ हुए स्वास्थ्य बीमा कार्यक्रम में सभी नागरिकों को जोड़ने के लिए “सबको स्वास्थ्य बीमा – वंचितों के लिए स्थानीय सरकार के साथ” के सिद्धांत के अंतर्गत बीमा को प्रभावी बनाने के लिए स्थानीय तह में जागरूकता एवं पहल की जाएगी।
15. गर्भावस्था से मृत्यु तक सरकार का साथ सुनिश्चित करने हेतु ‘गर्भ से शोक तक’ एकीकृत सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रम संचालित किया जाएगा।
16. धरान स्थित बीपी कोइराला स्वास्थ्य विज्ञान प्रतिष्ठान को और मजबूत कर कोशी प्रदेश में विशेषज्ञ एवं विशिष्ट सेवा केन्द्र बनाने की पहल होगी।
17. शिक्षा में आंतरिक निवेश बढ़ाया जाएगा। स्थानीय कला, भाषा, संस्कृति, सभ्यता और विशिष्टता को प्रतिबिंबित करते हुए स्थानीय पाठ्यक्रम बनाएंगे एवं लागू करेंगे। स्थानीय उत्पादन, कौशल और अनुसंधान पर आधारित गुणवत्तापूर्ण केंद्रित शिक्षा प्रणाली विकसित की जाएगी।
18. विद्यालय नर्स, समुदाय नर्स, शहरी स्वास्थ्य प्रवर्द्धन केंद्र, “मैं स्वस्थ, मेरा समुदाय स्वस्थ” अभियान, नागरिकों की डिजिटल हेल्थ प्रोफाइल, पोषण, संक्रामक रोग की स्क्रीनिंग, मानसिक स्वास्थ्य परामर्श, जन स्वास्थ्य मेले जैसे बेहतर अवधारणाओं और अभ्यासों को अधिक संगठित किया जाएगा।
19. कोशी राजमार्ग (जोगबनी–किमाथाङ्का) को जल्द पूरा कर उत्तर-दक्षिण कनेक्शन सुनिश्चित किया जाएगा। विराटनगर विमानस्थल को क्षेत्रीय अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा के रूप में अपग्रेड किया जाएगा। सड़क, बिजली और इंटरनेट जैसी बुनियादी सुविधाओं को जीवन स्तर उन्नति से जोड़ा जाएगा तथा कोशी नदी में आंतरिक जलमार्ग संचालन की संभावनाओं का अध्ययन कर परिवहन से जुड़ा जाएगा।
20. भूमिहीन दलित और सुकुम्बासी लोगों की सामाजिक न्याय और समावेशीकरण के सिद्धांतों के अनुसार पुनर्स्थापना कर “सुकुम्बासी मुक्त स्थानीय तह” बनाने का प्रयास किया जाएगा।
21. कोशी के लुप्तप्राय और सीमांतित समुदायों की भाषा, संस्कृति और पारंपरिक व्यवसाय का संरक्षण किया जाएगा और जाति-प्रथा, बाल श्रम एवं लैंगिक हिंसा समाप्ति के लिए विशेष सामाजिक कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे।
22. विदेश लौटे श्रमिकों के कौशल को “श्रम से उद्यम” तक जोड़ने हेतु ‘जन्मभूमि समृद्धि’ विशेष अभियान चलाया जाएगा।
24. आपदा जोखिम न्यूनीकरण के लिए पूर्व सूचना प्रणाली विकसित कर युवा उद्धारकर्ता टीम तैयार की जाएगी और आपदा-उन्नत समुदायों का विकास किया जाएगा।
25. वन्य जीव आवास और पर्यावरण संरक्षण करते हुए नीलगाय, हाथी, बंदर, बड़ेल जैसे कृषि को नुकसान पहुंचाने वाले वन्य जीवों के नियंत्रण के लिए उपाय किए जाएंगे और मानव-वन्य जीव संघर्ष कम करने हेतु कानून एवं संरचनात्मक व्यवस्थाएं संघीय सरकार से अनुरोध की जाएंगी। साथ ही “हरित शहर-स्वस्थ शहर” विशेष अभियान चलाया जाएगा।
26. संघ, प्रदेश और स्थानीय तहों के बीच समन्वय, सहकार्य और सहअस्तित्व के आधार पर काम किया जाएगा। बजट वितरण प्रणाली को समानुपातिक, न्यायोचित और स्थानीय आवश्यकताओं पर आधारित बनाने के लिए प्रदेश और संघीय सरकारों से आग्रह किया जाएगा।
27. पार्टी-सरकार समन्वय तंत्र का शीघ्र गठन कर उसे प्रभावी बनाया जाएगा तथा प्रत्येक महीने नियमित संवाद प्रणाली स्थापित की जाएगी।
28. जरा अभियान: पार्टी संगठन को मजबूत करते हुए सक्रिय सदस्यों का डिजिटल अभिलेख बनाए रखने के लिए ‘जरा अभियान’ को तेज़ी से आगे बढ़ाया जाएगा।
9 जेठ, 2083।
