
काभ्रेपलाञ्चोक के बेथानचोक नारायणथान क्षेत्र धार्मिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक दृष्टि से पर्यटकों के लिए अत्यंत ही आकर्षक स्थल बनता जा रहा है। यहां पहुंचने के तीन रास्ते हैं और पैदल यात्रा कर लगभग तीन घंटे में शिखर तक पहुंचा जा सकता है। बेथानचोक में विषादीरहित सब्जियों की खेती पर जोर दिया जाता है और खुवा, पनीर तथा घी जैसे दुग्ध उत्पाद भी यहाँ निर्मित होते हैं। काभ्रेपलाञ्चोक जिले का यह क्षेत्र पर्यटकों के लिए दिन-ब-दिन बढ़ता आकर्षण स्थल है। काठमांडू से केवल दो-तीन घंटे में पहुंचा जा सकने वाला यह स्थान धार्मिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक सौंदर्य का अनूठा समागम प्रस्तुत करता है। इसलिए यहां आने वाले पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
समुद्र तल से 3,018 मीटर की ऊंचाई पर स्थित बेथानचोक नारायण शिखर, 3,012 मीटर की ऊंचाई वाला गजराम थुम्को और 2,311 मीटर ऊंचा चौबास डाँडा इस क्षेत्र के प्रमुख पर्यटन आकर्षण हैं। इस क्षेत्र के अन्य मनोरम स्थल बतासे डाँडा, कामी डाँडा, घोडाबांधे और तीनतले झरना में शामिल हैं। पूर्व से पश्चिम तक फैले महाभारत हिमालय पर्वत श्रृंखला का दृश्यावलोकन यहाँ का प्रमुख आकर्षण है। धार्मिक दृष्टि से महाभारत झील की ऊंची जगह पर स्थित बेथानचोक नारायण मंदिर अत्यंत महत्वपूर्ण है। यहां महांगकाल मंदिर, झिंगेको भैरव मंदिर, च्याम्राङ्बेसी के चक्रेश्वर महादेव मंदिर और कलांगसिंह के बाघभैरव मंदिर हिंदू आस्था के मुख्य केंद्र हैं।
एक-दो दिन बेथानचोक में बिताकर इसकी धार्मिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक सुंदरता का पूरी तरह अनुभव किया जा सकता है। काठमांडू से लगभग साढ़े दो घंटे में पहुंचने वाला यह नजदीकी पर्यटन स्थल है, इसलिए दिन भर भ्रमण के बाद काठमांडू लौटना भी सहज है। बेथानचोक में रात बिताने के लिए खाने और रहने की सुविधाओं सहित कई होटेल और रिसॉर्ट संचालित हैं। यहां विषादीरहित सब्जियां उगाई जाती हैं और खासतौर पर दाउरा की आग पर पकाया हुआ स्वादिष्ट खुवा इस क्षेत्र की खासियत है। समग्र रूप से, बेथानचोक धार्मिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक दृष्टि से अत्यंत समृद्ध ग्रामीण क्षेत्र है।
