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महाकाली नदी में अवैध उत्खनन के खिलाफ अख्तियार में शिकायत, जांच प्रक्रिया शुरू

महाकाली नदी के किनारे पर हो रहे अवैध उत्खनन के मामले में अख्तियार दुरुपयोग अनुसन्धान आयोग में शिकायत दर्ज हुई है और कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पञ्चेश्वर गाउँपालिकाले किसी भी निर्माण कम्पनी को उत्खनन की अनुमति न देने की पुष्टि की है और अवैध क्रशर संचालन पाए जाने की जानकारी मिली है। जिला प्रशासन कार्यालय और समन्वय समिति ने अवलोकन कर आवश्यक कानूनी कदम उठाने की तैयारी की है। १० जेठ, बैतड़ी।

नेपाल-भारत सीमा पर स्थित महाकाली नदी के किनारे चल रहे अवैध उत्खनन के संबंध में अख्तियार दुरुपयोग अनुसन्धान आयोग में शिकायत की गई है। शिकायत के बाद संबंधित निकायों की चिंता बढ़ी है। बैतड़ी के सहायक प्रमुख जिल्ला अधिकारी राजमणि निरौलाले अवैध उत्खनन संबंधी शिकायत की पुष्टि करते हुए बताया कि कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। उन्होंने कहा, “इस विषय में अख्तियार में शिकायत आई है, वर्तमान में उत्खनन रोक दिया गया है। आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।”

शिकायत के बाद जिला प्रशासन कार्यालय ने पञ्चेश्वर गाउँपालिकालाई वास्तविक विवरण उपलब्ध कराने के लिए पत्राचार किया है। गाउँपालिकाका प्रमुख प्रशासकीय अधिकृत वीरसिंह भण्डारी ने अख्तियार की पत्र प्राप्ति की सूचना देते हुए आवश्यक प्रक्रिया आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा, “प्रमुख जिल्ला अधिकारी और जिला समन्वय समिति की टीम द्वारा भी निरीक्षण किया गया है। कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।” भण्डारी ने पुष्टि की कि गाउँपालिकाले किसी निर्माण कम्पनी को नदी उत्खनन की अनुमति नहीं दी है, लेकिन कम्पनी ने अवैध उत्खनन किया है।

पिछले माघ से पञ्चेश्वर गाउँपालिका–४ जंगलतड़ में कंकाई कुमार केएस जेभी महाकाली नदी में उत्खनन कर रहा था। उक्त कम्पनी ने भौतिक पूर्वाधर विकास कार्यालय बैतड़ी के माध्यम से मेलौली–पञ्चेश्वर सड़क स्तरोन्नतिको ठेका हासिल किया था। कम्पनी ने नदी के किनारे ही क्रशर चलाकर पत्थर, बजरी और बालू उत्खनन किया। क्रशर मापदण्ड–२०७७ के अनुसार कम से कम एक किलोमीटर दूरी पर Environmental Impact Assessment (EIA) कराए बिना क्रशर संचालित नहीं किया जा सकता। किन्तु सम्बन्धित कम्पनी ने यह प्रक्रिया पूरी किए बिना अवैध उत्खनन और क्रशर संचालन किया।

अवैध उत्खनन रोकथाम के लिए जिला समन्वय समिति के प्रमुख संयोजकत्व में समिति संचालन की कानूनी व्यवस्था है। विवाद सामान्य होने के बाद जिला प्रशासन कार्यालय और समन्वय समिति ने अधिक सक्रियता दिखाई है। समिति बैतड़ी के प्रमुख खगेन्द्रसिंह धामी, कार्यालय प्रमुख रघुनाथ अवस्थी सहित टीम गाउँपालिकाका जनप्रतिनिधियों से चर्चा के लिए गई थी। लेकिन चर्चा के बाद अभी तक कानूनी कार्रवाई के ठोस निर्णय नहीं हो सके हैं।