
१३ जेठ, काठमाडौं । इजरायल के प्रधानमंत्री बेन्जामिन नेतान्याहू द्वारा हिजबुल्लाह के खिलाफ सैन्य कार्रवाई और तेज करने की चेतावनी के कुछ घंटों में ही लेबनान में हवाई हमले तेज हो गए हैं। लेबनान के दक्षिणी और पूर्वी इलाकों में हाल के इन हमलों में कम से कम ३१ लोग मारे गए हैं, जिनमें कुछ बच्चे भी शामिल हैं। इजरायली सेना के अनुसार, यह अप्रैल महीने में शुरू हुए संघर्ष विराम के बाद सबसे बड़ा बमबारी है। सेना ने दावा किया है कि एक ही रात में हिजबुल्लाह के १०० से अधिक ठिकानों और लड़ाई में शामिल व्यक्तियों को निशाना बनाया गया।
प्रधानमंत्री नेतान्याहू ने मंगलवार को एक सुरक्षा बैठक में कहा कि इजरायल लेबनान में अपनी सैन्य पहुंच और सुरक्षा प्रतिबद्धताओं को और मजबूत बना रहा है। प्रधानमंत्री की इस घोषणा के बाद, हिजबुल्लाह के मुख्य प्रभाव वाले क्षेत्र माने जाने वाली राजधानी बेरूत के दक्षिणी उपनगरों में दहशत और हड़कंप का माहौल बन गया है। हजारों लोग सुरक्षित जगहों की ओर जाने की कोशिश में शहर छोड़ रहे हैं। इसी बीच, लेबनान के मशघरा गांव में हुए हवाई हमले में कई घर तबाह हो गए। मलबे से ११ शव निकाले गए हैं जबकि एक सात वर्षीय बच्चा जीवित बचाया गया है। उसी حملے में उस बच्चे के पिता और दो बहनों की मौत हुई है।
दोनों पक्ष एक-दूसरे पर संघर्ष विराम का उल्लंघन करने का आरोप लगा रहे हैं। इजरायली सेना ने लेबनानी नागरिकों को नए इलाकों खाली करने के आदेश दिए हैं, जबकि हिजबुल्लाह ने भी इजरायली सेना के तीन बैरकों और सैनिक चौकियों पर मिसाइल हमले किए हैं। मार्च २ से शुरू हुए इस द्वंद्व में हिजबुल्लाह के हमलों में अब तक २३ इजरायली सैनिक और एक ठेकेदार मारे जा चुके हैं। दूसरी ओर, इजरायली हमलों के कारण लेबनान में अब तक कम से कम ३,१८५ लोगों की मौत हो चुकी है।
