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मानव अधिकार आयोग की रिपोर्ट में क्या है? (पूर्ण पाठ)

समाचार सारांश

  • राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग ने भदौ 23 और 24 की घटनाओं में ओली, लेखक और गुरुङ को मानव अधिकार उल्लंघनकर्ता घोषित किया है।
  • आयोग ने कारागार से कैदियों को बाहर भेजने के मामले में राष्ट्रीय स्वतन्त्र पार्टी के अध्यक्ष रवि लामिछाने को संदेह के घेरे में डालकर सूक्ष्म जांच की सिफारिश की है।
  • सदस्य लिली थापा की अध्यक्षता में गठित समिति ने बुधवार को घटनाओं की विस्तृत जांच रिपोर्ट जारी की।

13 जेठ, काठमांडू। राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग ने भदौ 23 को प्रदर्शन में हुए दमन और अगले दिन की घटनाओं की जांच कर एक रिपोर्ट जारी की है।

आयोग की सदस्य लिली थापा के संयोजन में भदौ 23 और 24 की घटनाओं में मानव अधिकार उल्लंघन की जांच के लिए एक समिति गठित की गई थी।

उस समिति ने बुधवार को अपनी रिपोर्ट सार्वजनिक की।

समिति की रिपोर्ट के आधार पर आयोग ने उस समय सरकार के नेतृत्व में रहे ओली, लेखक और गुरुङ को मानव अधिकार उल्लंघनकर्ता के रूप में दर्ज किया है।

आंदोलन के दौरान कारागार से कैदियों को बाहर भेजने के कार्य में राष्ट्रीय स्वतन्त्र पार्टी के अध्यक्ष रवि लामिछाने की संलिप्तता पर आयोग ने शंका जताते हुए उन्हें जांच के दायरे में लाने और सूक्ष्म जांच करने की सिफारिश की है।

आयोग की रिपोर्ट इस प्रकार है :