
फाइल तस्वीर समाचार सारांश के रूप में समीक्षा की गई। प्रगतिशील लोकतांत्रिक पार्टी के नेता जनार्दन शर्मा ने नेपाल में अभी भी लोकतांत्रिक मूल्य, संस्कृति और व्यवहार की सूखे की स्थिति होने का दावा किया है। गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देते हुए उन्होंने कहा, “आज भी नेपाल में लोकतांत्रिक मूल्य, संस्कृति और व्यवहार की सूखे की स्थिति है।” गणतंत्र की घोषणा के समय तत्कालीन राजा की सहमति भी थी, इसका स्मरण करते हुए उन्होंने सरकार और जनप्रतिनिधियों से जनता के प्रति ज़िम्मेदार होने पर जोर दिया। १५ जेठ, काठमाडौं। प्रगतिशील लोकतांत्रिक पार्टी (प्रलोपा) के नेता जनार्दन शर्मा ने कहा कि आज भी नेपाल में लोकतांत्रिक मूल्य, संस्कृति और व्यवहार की सूखे जैसी स्थिति बनी हुई है। गणतंत्र दिवस के अवसर पर शुक्रवार को शुभकामना संदेश देते हुए वे इस बात को स्पष्ट कर चुके हैं।
‘आज भी नेपाल में लोकतांत्रिक मूल्य, संस्कृति और व्यवहार की सूखे की स्थिति है। इसे पुनर्स्थापित किए बिना सच्चे लोकतंत्र का अभ्यास संभव नहीं है। गणतंत्र की घोषणा के समय न केवल तत्कालीन राजा की सहमति थी, यह तथ्य हमें नहीं भूलना चाहिए,’ उन्होंने कहा। नेता शर्मा ने संघीय लोकतांत्रिक गणतंत्र, समावेशिता, सुशासन और समृद्धि के लिए हर किसी से गणतंत्र दिवस के अवसर पर लोकतंत्र को आत्मसात करने की प्रतिबद्धता करने का आग्रह किया है। ‘लोकतंत्र केवल एक शब्द नहीं है; यह विचार, संस्कृति, स्वतंत्रता और अधिकारों का संतुलन भी है। उत्पीड़ित, निर्धन जनता, गरीब किसान, सुकुम्वासी, दलित और महिलाओं को हकारने वाली व्यवस्था को लोकतंत्र नहीं कहा जा सकता। आवधिक चुनाव और उससे प्राप्त परिणाम ही लोकतंत्र का पूरा स्वरूप नहीं हैं; महत्वपूर्ण यह है कि सरकार, संसद और जनप्रतिनिधि जनता के प्रति जिम्मेदार हों,’ उन्होंने उल्लेख किया।
