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त्रिवि में उद्यमशीलता विकास बूटकैम्प सफलता पूर्वक सम्पन्न

त्रिभुवन विश्वविद्यालय व्यवसाय इन्क्युबेसन केन्द्र और औद्योगिक व्यवसाय विकास प्रतिष्ठान के संयुक्त आयोजन में कीर्तिपुर में तीन दिवसीय उद्यमशीलता विकास बूटकैम्प सम्पन्न हुआ है। देश के विभिन्न क्षेत्रों से लगभग ३० नवउद्यमी इस कार्यक्रम में सहभागी हुए, जिसमें व्यावहारिक ज्ञान, कौशल और मेंटरिंग के माध्यम से उद्यमशीलता को बढ़ावा देने का उद्देश्य रखा गया था। त्रिभुवन विश्वविद्यालय के निमित्त शिक्षाध्यक्ष प्रा. डॉ. शंकरप्रसाद खनाल ने विश्वविद्यालय की शिक्षा को उद्यमशीलता और नवप्रवर्तन से जोड़ना आज की आवश्यकता बताया।

१५ जेठ, काठमाडौं। त्रिभुवन विश्वविद्यालय व्यवसाय इन्क्युबेसन केन्द्र और औद्योगिक व्यवसाय विकास प्रतिष्ठान के संयुक्त आयोजन में उद्यमशीलता विकास बूटकैम्प तथा व्यवसाय इन्क्युबेसन सेवा कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम जेठ १२ से १४ तक त्रिभुवन विश्वविद्यालय, कीर्तिपुर में स्थित इन्क्युबेसन केन्द्र के हॉल में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। देश के अलग-अलग क्षेत्रों से आए करीब ३० नवउद्यमी और उद्यमशीलता में रुचि रखने वाले सहभागियों की उत्साहजनक उपस्थिति रही।

कार्यक्रम के उद्घाटन के अवसर पर त्रिभुवन विश्वविद्यालय के निमित्त शिक्षाध्यक्ष प्रा. डॉ. शंकरप्रसाद खनाल ने कहा कि विश्वविद्यालय की शिक्षा को उद्यमशीलता और नवप्रवर्तन से जोड़ना आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि युवाओं को केवल रोजगार खोजने के बजाय रोजगार सृजना करने में सक्षम बनाने की दिशा में इस तरह के कार्यक्रम प्रभावी भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम में औद्योगिक व्यवसाय विकास प्रतिष्ठान के कार्यवाहक निर्देशक मणिराम गौतम ने त्रिभुवन विश्वविद्यालय के साथ सहयोग को उद्यमशीलता प्रवर्धन और नवउद्यम विकास में महत्वपूर्ण योगदान देने वाला बताया।

सहभागियों को व्यावहारिक ज्ञान, कौशल तथा मेंटरिंग के माध्यम से सक्षम बनाने के उद्देश्य से कार्यक्रम संचालित किया गया। त्रिवि व्यवसाय इन्क्युबेसन केन्द्र के निदेशक प्रा. डॉ. ताराप्रसाद भुसाल ने केन्द्र की स्थापना, उद्देश्य और गतिविधियों के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि विश्वविद्यालय में नवप्रवर्तन, शोध और उद्यमशीलता की संस्कृति विकसित करना केन्द्र का प्रमुख लक्ष्य है। उन्होंने कहा, “कार्यक्रम ने सहभागीओं को उनके व्यवसायिक अवधारणाओं को व्यावहारिक व्यवसाय योजना में परिवर्तित करने में सहायता प्रदान की है।”

उपनिर्देशक डॉ. प्रमोद पौडेल ने बताया कि उद्यमशीलता विकास के लिए आवश्यक ज्ञान, कौशल और नेटवर्किंग के अवसर प्रदान करने पर यह कार्यक्रम केंद्रित है। सहभागियों ने व्यवसाय योजना निर्माण, बाजार विश्लेषण, वित्तीय प्रबंधन, व्यवसाय मॉडल विकास और प्रस्तुति कौशल से संबंधित व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त किया। तीन दिनों तक चले इस कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों के १२ अनुभवी प्रशिक्षक, विशेषज्ञ और मेंटर उद्यमशीलता के विविध पक्षों पर प्रशिक्षण और मार्गदर्शन प्रदान कर रहे थे।