
सरकार ने विभिन्न भौतिक मंत्रालयों को एकीकृत करके गठित पूर्वाधार विकास मंत्रालय के लिए आगामी वित्तीय वर्ष में ३ खरब २ अरब रुपए से अधिक का बजट आवंटित किया है। इस वित्तीय वर्ष में १ हजार किलोमीटर सड़क कालोपत्रण करने और साउन महीने से नागढुंगा सुरंगमार्ग को परिचालन में लाने का लक्ष्य सरकार का है। पूर्वाधार क्षेत्र में निजी निवेश लाने के लिए वैकल्पिक विकास वित्त कोष संचालित करने और निजी क्षेत्र को विद्युत व्यापार की अनुमति देने की भी घोषणा की गई है।
१५ जेठ, काठमांडू। सरकार ने पूर्वाधार निर्माण में देखी गई संरचनात्मक समस्याओं को दूर करते हुए आक्रामक सुधार के कदम उठाने का फैसला किया है। इससे अवरुद्ध पूर्वाधार निर्माण को ‘टेकऑफ’ कराने की उम्मीद है। भौतिक निर्माण से जुड़ी मंत्रालयों को मर्ज कर पूर्वाधार विकास मंत्रालय के नाम एक शक्तिशाली निकाय का गठन किया गया है, जिसे बालेन्द्र शाह नेतृत्व वाली सरकार ने सबसे अधिक बजट प्रदान किया है, जिसकी राशि ३ खरब २ अरब रुपए से ऊपर है।
अर्थ मंत्री डॉ. स्वर्णिम वाग्ले के अनुसार आगामी वित्तीय वर्ष में सरकार कार्यात्मक सुधारों में तेजी लाएगी। इससे पूंजीगत खर्च की गति और तालमेल पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। खरीद प्रक्रिया में सुधार होगा और संसाधनों के प्रबंधन में लचकता अपनाई जाएगी। वैकल्पिक वित्त परिचालित किया जाएगा तथा परियोजना प्रमुख की स्थिरता सुनिश्चित करते हुए निर्धारित लागत और समय पर परियोजना पूर्ण करने के ‘मिशन मोड’ पर कार्य किया जाएगा।
इसी प्रकार, सनसेट कानून लागू करने की घोषणा बजट में की गई है। दीर्घकालीन अधिनियम/कानूनों के बढ़ते हुए समस्याओं को हल करने के लिए निश्चित अवधि के बाद स्वचालित समीक्षा या स्वयं समाप्त होने का प्रावधान सनसेट कानून की अवधारणा है। इसे संसद में पेश किया जाएगा। आगामी वित्तीय वर्ष में मोबिलाइजेशन अग्रिम राशि संबंधित परियोजनाओं में ही खर्च करने की व्यवस्था ट्रैकिंग कर निगरानी की जाएगी।
अर्थ मंत्री वाग्ले के अनुसार हाइब्रिड एनयूटी मॉडल में निर्माण किए जाने वाले पूर्वाधार परियोजनाओं की प्रारंभिक सूची तीन महीने के भीतर तैयार कर ली जाएगी। मिडिल ईस्ट युद्ध के कारण ईंधन, बिटुमेन सहित निर्माण सामग्री की महंगाई से निर्माण व्यवसायी को हुई समस्या के समाधान के लिए सरकार आवश्यक कदम उठाएगी।
इससे पहले बजट की पूर्व संध्या पर नेपाल के निजी क्षेत्र की छाता संस्थाओं ने निर्माण व्यवसायियों को आने वाली चुनौतियों के समाधान की अपील की थी।
पूर्वाधार निर्माण में एकीकृत मॉडल
इस बार के बजट ने पूर्वाधार निर्माण में एकीकृत मॉडल की अवधारणा प्रस्तुत की है। पहले विकास मंत्रालयों के बीच समन्वय की कमी के कारण कार्यशैली में समस्याएं आती थीं। अर्थ मंत्री वाग्ले के अनुसार सड़क, यातायात, पेयजल, स्वच्छता और आर्थिक पहुंच जैसे पूर्वाधारों को एकीकृत तरीके से विकसित किया जाएगा। साथ ही यात्रा सुरक्षा में सुधार करते हुए सड़क की गुणवत्ता बढ़ाकर दुर्घटना से होने वाले मानवीय क्षति को कम करने का लक्ष्य भी इसमें शामिल है।
विकास और पर्यावरण के बीच समन्वय
सरकार ने अब विकास और पर्यावरण के बीच चल रहे संघर्ष को समाप्त करने की योजना भी प्रस्तुत की है। अर्थ मंत्री वाग्ले के अनुसार पर्यावरण संरक्षण अधिनियम २०७६ और वन अधिनियम २०७६ में संशोधन किया जाएगा। अनुमोदित पर्यावरण प्रभाव मूल्यांकन रिपोर्ट में उल्लिखित वन क्षेत्रफल या कटान होने वाले वृक्षों की संख्या घटने पर पूरक मूल्यांकन न कराने का प्रावधान लागू होगा। वन क्षेत्र की स्वीकृति और वृक्ष कटान संबंधी निर्णय प्रक्रियाओं को भी सरल बनाया जाएगा, जैसा बजट में बताया गया है।




