
समाचार सारांश
संकलित और संपादकीय समीक्षा के बाद।
- अर्थमंत्री डॉ. स्वर्णिम वाग्ले ने आगामी आर्थिक वर्ष २०८३/८४ के बजट में पर्यटन क्षेत्र के विभिन्न पारंपरिक एवं अमूर्त कार्यक्रमों की घोषणा की है।
- सरकार ने बजट के माध्यम से आने वाले छह महीनों के भीतर रणनीतिक महत्व के निजगढ अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के निर्माण मॉडल को निश्चित करने की घोषणा की है।
- बजट में मनाङ और मुस्ताङ के दो सौ वर्ष पुराने कम से कम दो दर्जन ऐतिहासिक बौद्ध गुम्बाओं के संरक्षण के लिए नया कार्यक्रम लाया गया है।
१८ जेठ, काठमांडू। सरकार ने आगामी आर्थिक वर्ष २०८३/८४ के बजट में पर्यटन क्षेत्र में ठोस परिवर्तन की जगह अमूर्त और पारंपरिक घोषणाओं को जारी रखने का रुख अपनाया है।
अर्थमंत्री डॉ. स्वर्णिम वाग्ले ने संसद में प्रस्तुत बजट में पूर्व तैयारी के बिना अनेक घोषणाएं रखी हैं, जिन्हें आकर्षक कार्यक्रमों के रूप में प्रदर्शित करने का प्रयास किया गया है।
सरकार ने त्रिवेणीधाम, देवघाट, रुरु क्षेत्र, कागबेनी, मुक्तिनाथ और दामोदर कुण्ड को एकीकृत करते हुए शालिग्राम पथ विकास की योजना प्रस्तुत की है, जिसका कॉन्सेप्ट अस्पष्ट है। आगामी वर्ष लुम्बिनी-मुक्तिनाथ धार्मिक-सांस्कृतिक मार्ग पर आधारित निर्वाण पथ को बढ़ावा देने की योजना भी बजट में शामिल है।
इस मार्ग में ध्यान, साधना, योग, बौद्ध-वैदिक दर्शन तथा मनाङ, मुस्ताङ और म्याग्दी के हिमालयी सांस्कृतिक अनुभव को समेटने की बात कही गई है। साथ ही, मध्यपहाड़ी राजमार्ग से ओलाङचुङगोला, किमाथांका, तातोपानी, रसुवागढ़ी, कोरला, हिल्स जैसे पर्यावरणीय और व्यापारिक गंतव्यों को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है, पर मंत्रालय की ओर से इस विषय पर ठोस अध्ययन नहीं दिखता।
बजट में रामारोशन, खप्तड़, बडीमालिका, शैलेश्वरी, उग्रतारा और मल्लिकार्जुन क्षेत्र सहित सुदूरपश्चिम में विशिष्ट पर्यटन क्षेत्रों के विकास की योजना सम्मिलित है। सरकार ने खप्तड़-बडीमालिका-शुक्लाफाँटा, काँक्रेविहार-पञ्चकोशी-रारा, ठाकुरद्वारा-स्वर्गद्वारी-रुरु क्षेत्र, देवघाट-मुक्तिनाथ-तिलिचो, कालिंचोक-जुगल-गोसाइंकुण्ड, सखडा-धनुषाधाम-गढीमाई, हलेसी-चतरा-पाथिभरा प्रादेशिक पर्यटन करिडोरों के प्रचार-प्रसार के कार्यक्रम भी लाए हैं।
पर्यटन क्षेत्र में अमूर्त कार्यक्रम रखने की प्रवृत्ति पुरानी है, जिससे स्थानीय सांसद व्यक्तिगत तौर पर अपने क्षेत्रों के छोटे कार्यक्रम लागू करने के रुझान में बढ़ोतरी हुई है, और सरकार इस प्रवृत्ति को जारी रख रही है।
‘विजिट नेपाल वर्ष २०८५’ मनाया जाएगा
सरकार ने इस वर्ष नीति तथा कार्यक्रमों में ‘विजिट नेपाल २०८५’ की घोषणा की थी, जिसे बजट ने जारी रखा है। इसके साथ ही इस वर्ष ‘नेपाल आरोग्य वर्ष २०२७’ मनाने का निर्णय लिया गया है, जिसके अंतर्गत 10 वर्षीय स्वास्थ्य पर्यटन रणनीति तैयार करके लागू की गई है।
ईयू की काली सूची हटाने और प्राधिकरण को विभाजित करने का नारा दोहराया गया
नेपाल 2013 से यूरोपीय संघ (ईयू) की काली सूची में है, जिसके अनुसार नेपाल में पंजीकृत एयरलाइन कंपनियों के जहाज वहां उड़ान नहीं भर सकते। इस सूची से नेपाल को मुक्त करने के लिए नागरिक उड्डयन प्राधिकरण को सेवा प्रदायक और नियामक निकाय में विभाजित करने की घोषणा पिछले बजटों में भी की जाती रही है।
इस संबंध में दो विधेयक संसद में प्रस्तुत हैं, लेकिन स्वार्थ समूहों के कारण कार्यान्वयन में बाधाएं आ रही हैं। अंतरराष्ट्रीय नियामक निकाय के अनुसार नियमन अलग-अलग होना चाहिए।

नेपाल में प्राधिकरण के कर्मचारी उपयोग करते हुए उच्च अधिकारी संरचना विभाजन में बाधा डाल रहे हैं।
वायुसेवा निगम को कंपनी में रूपांतरण का प्रयास
नेपाल वायुसेवा निगम को कंपनी में तब्दील करने के प्रयास वर्षों से जारी हैं। सुधार के लिए लगभग एक दर्जन समितियां गठित की गई हैं।
समितियों की रिपोर्ट का अध्ययन करने के लिए और भी समितियां गठित की जा रही हैं, और कई रिपोर्ट दर्ज नहीं की जा रही हैं। सरकार इस चक्र को कैसे तोड़ेगी, यह कार्यान्वयन पर निर्भर करेगा।

इस बार भी सरकार वायुसेवा निगम को कंपनी में रुपांतरित कर प्रबंधन सुधार और रणनीतिक साझेदारी के लिए उपयुक्त विधि तलाशने का लक्ष्य रखती है।
पूर्व घोषणाओं का निरंतर पालन
सरकार ने तिलौराकोट, देवदह, कपिलवस्तु और रामग्राम जैसे ऐतिहासिक स्थलों का व्यापक आधारभूत विकास करने का उल्लेख किया है। व्यापक लुम्बिनी विकास के लिए ८३ करोड़ का बजट आवंटित किया गया है।
बिना ठोस योजना शुरू किए गए ये आयोजन अब तक ठोस परिणाम नहीं दे पाए हैं। पिछले वर्ष के बजट में रखे जनकपुर को विवाह गंतव्य बनाने के कार्यक्रम को इस बार भी दोहराया गया है। रामजानकी पथ और परिक्रमा सड़क के स्तरोन्नति हेतु भी बजट निर्धारित किया गया है।
पहाड़ी क्षेत्रों में हिल स्टेशनों का विकास पिछले कई वर्षों से बजट में लाया जा रहा है और इस बार भी पहाड़ी क्षेत्रों के हिल स्टेशनों को बढ़ावा देने के लिए आधारभूत विकास पर जोर दिया गया है।

सरकार ने हिमाल आरोही तथा पैदल यात्रियों की सुरक्षा एवं आकस्मिक उद्धार के लिए विश्वसनीय व्यवस्था करने की घोषणा पुनः की है। ग्रेट हिमालयन ट्रेल को लगातार बढ़ावा देने की योजना बजट में शामिल है।
गुम्बा संरक्षण योजना
पर्यटन क्षेत्र में इस बार सरकार ने संख्या भी निर्धारित की है और कम से कम दो दर्जन से अधिक २०० वर्ष पुराने महत्वपूर्ण ऐतिहासिक बौद्ध गुम्बाओं के संरक्षण के लिए विशेष योजना की घोषणा की है, जिनमें मुख्य रूप से मनाङ और मुस्ताङ शामिल हैं।
सरकार ने कपिलवस्तु के तिलौराकोट, धनुषा का जनकपुरधाम और काठमांडू के गोकर्णेश्वर को विश्व धरोहर सूची में शामिल करने की भी योजना बजट में रखी है।
नए नामों के रूट विस्तार की घोषणा भी की गई है। खप्तड़-रामारोशन-बडीमालिका, बुढीनन्दा-रारा-स्वर्गद्वारी-मुक्तिनाथ को जोड़ने वाला उच्च पहाड़ी पर्यटन रूट विकसित करने की बात बजट में कही गई है। इसके अतिरिक्त, अपि हिमाल, दोर्दी हिमाल, सिकलेस-कहपुचे-मनाङ, तीनजुरे-पाथिभरा ट्रेकिंग रूट बनाने की घोषणा भी की गई है।
सायकिल ट्रेल निर्माण के लिए गण्डकी प्रदेश के मध्यपहाड़ में परीक्षण के रूप में कास्की लिपेनी-थुम्सीकोट-भाचोक-लम्तरी (प्रिन्स चार्ल्स रूट से होकर करापु तक) और ब्यास-छाब्दी बाराही-बंदीपुर-छिम्केश्वरी-लाब्दी-लेवघाट रूट निर्माण की घोषणा की गई है।
सरकार ने कीर्तिपुर स्थित संग्रहालय का विस्तार करने और सघन दलित बस्तियों में नमूना होमस्टे संचालित करने की घोषणा भी की है।
काठमांडू हवाईअड्डे के विस्तार के लिए नियमित बजट
त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे की क्षमता वृद्धि का काम लंबे समय से जारी है, जिसके लिए आगामी आव में १ अरब ५३ करोड़ का विनियोजन किया गया है। गौतमबुद्ध और पोखरा क्षेत्रीय अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे को निजी क्षेत्र के साथ साझेदारी में संचालित करने की योजना भी शामिल है।

भरतपुर हवाई अड्डे का विस्तार कर रात्रीकालीन उड़ानों का संचालन करने की योजना भी बजट में सम्मिलित है। प्रदेश सरकार के सहयोग से सुर्खेत हवाई अड्डे के विस्तार और मुगु के ताल्चा तथा दंग के टरिगांव हवाई अड्डे के स्तरोन्नति योजनाएं भी शामिल हैं।
निजगढ विमानस्थल के विषय में बजट ने अस्पष्टता दूर की
पूर्व की नीति एवं कार्यक्रमों में उल्लेखित नहीं होने के कारण नेपाल के रणनीतिक महत्व के निजगढ अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को लेकर अस्पष्टता थी, परंतु बजट ने इस अस्पष्टता को दूर कर दिया है। आगामी वर्ष में निजगढ हवाईअड्डे के निर्माण की रूपरेखा छह महीने के अंदर निश्चित करने की तिथि दी गई है।
सरकार के सरोकारवालों की क्या धारणा है?
होटल एसोसिएशन नेपाल (हान) ने आगामी आर्थिक वर्ष २०८३/८४ का बजट संतोषजनक बताया है और कार्यक्रमों के कार्यान्वयन पर विशेष जोर देने का आग्रह किया है।

हान ने २०८५ नेपाल भ्रमण वर्ष, २०२७ आरोग्य वर्ष के तहत ब्रांडिंग कर मनाने, पर्यटक गंतव्य विकसित करने के लिए निर्वाण पथ, कोशी करिडोर, पर्यटन चतुर्दिक क्षेत्र विकास, डाँफे, शालिग्राम, मध्यपहाड़ी नए पर्यटन क्षेत्र, हिल स्टेशन विकास, ग्रेट हिमालयन ट्रेल, मनाङ और मुस्ताङ के गुम्बा संरक्षण, प्रादेशिक पर्यटन करिडोर विकास जैसी नवीन योजनाओं व गतिविधियों को बजट की नवीन अवधारणा बताया है। इसके द्वारा पर्यटकों की संख्या, वहां ठहराव और खर्च में वृद्धि होने की उम्मीद है।
जनकपुर को विवाह गंतव्य के रूप में विकसित करते हुए और नए नए पर्यटन गंतव्यों व गतिविधियों को बढ़ावा देने के कार्यक्रम, बृहत्तर लुम्बिनी विकास और गंडकी माउंटेन बाइक तथा हिमालयी बाज़ार को प्रोत्साहित करने जैसी बजट घोषणाएं भी सराहनीय हैं, हान का कहना है।





