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चीन के साथ तनाव के बीच ताइवान ने दक्षिण चीन सागर में रोबोटिक कुत्ते परिचालन की घोषणा की

ताइवान की सरकारी स्वामित्व वाली सैन्य इकाई ने चीन के साथ विवादित द्वीप समूहों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए तीन रोबोट गश्ती कुत्ते प्रस्तुत किए हैं। अमेरिकी कंपनी ‘घोस्ट रोबोटिक्स’ द्वारा बनाए गए ये रोबोट जासूसी, निगरानी और हमला करने वाले तीन अलग-अलग संस्करणों में उपलब्ध हैं। ताइवान के मरीन और कोस्ट गार्ड ने दक्षिण चीन सागर के द्वीपों पर गश्ती के लिए इस तरह के रोबोट की तत्काल आवश्यकता जताई है।

19 जेठ, काठमांडू। ताइवान की सैन्य हथियार विकास की सर्वोच्च एजेंसी ने मंगलवार को तीन रोबोट गश्ती कुत्ते जारी किए। चीन के साथ विवादित दक्षिण चीन सागर के द्वीपों में सुरक्षा प्रदान करने के लिए इन रोबोटों का उपयोग किया जा सकता है, सैन्य अधिकारियों ने बताया। चीन ताइवान को अपने क्षेत्र के रूप में दावा करता है, ऐसे में ताइवान संभावित चीनी आक्रमण को रोकने के लिए अपनी सेना को आधुनिक बना रहा है।

ताइवान के रक्षा मंत्रालय में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सरकारी स्वामित्व वाली ‘नेशनल चुङ-सान इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी’ ने इन चार पैरों वाले रोबोटिक कुत्तों का प्रदर्शन किया। ये रोबोट अमेरिकी सैन्य आपूर्ति कंपनी ‘घोस्ट रोबोटिक्स’ द्वारा निर्मित हैं, जिनमें ताइवानी संस्थान की घरेलू तकनीक भी शामिल है। प्रदर्शित रोबोट जासूसी, निगरानी और हमला करने वाले तीन अलग-अलग संस्करणों में उपलब्ध हैं।

हमला करने वाले संस्करण के रोबोट की पीठ पर एक बंदूक भी लगी हुई है। संस्थान के मिसाइल एवं रॉकेट सिस्टम अनुसंधान विभाग के उपप्रधान, जेन कुओ-कुआंग के अनुसार, भले ही ताइवानी सेना ने इस प्रकार की अत्याधुनिक उपकरणों की जरूरत महसूस की है, लेकिन अभी तक आधिकारिक खरीद आदेश जारी नहीं हुआ है। हालांकि, ताइवान के मरीन और कोस्ट गार्ड ने स्प्राटली (नानसा) और प्राटास (डोंगसा) द्वीपों के तटीय क्षेत्र में गश्ती और निरीक्षण के लिए इन रोबोटों की तुरंत आवश्यकता जताई है।