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कर्णाली के दलित जनप्रतिनिधियों की बैठक में मंत्री भंडारी को 11 बिंदुओं वाली मांगपत्र सौंपा गया

कर्णाली प्रदेशस्तरीय दलित कार्यपालिका सदस्यों की बैठक में सामाजिक विकास मंत्री घनश्याम भंडारी को 11 बिंदुओं वाली मांग एवं सुझावपत्र प्रस्तुत किया गया। यह कार्यक्रम स्थानीय तह दलित जनप्रतिनिधि संघ नेपाल के आयोजन में बिरेन्द्रनगर में संपन्न हुआ, जिसमें मंत्री भंडारी ने आगामी आर्थिक वर्ष की नीति, कार्यक्रम एवं बजट में दलित समुदाय के लिए विशेष प्रबंध सुनिश्चित करने का प्रयास करने का प्रतिबद्धता व्यक्त की।

बैठक ने लिलमती विक की संयोजकता में 21 सदस्यीय कर्णाली प्रदेश तदर्थ समिति का चयन किया। मुख्य अतिथि मंत्री भंडारी ने दलित समुदाय के मुद्दों के समाधान के लिए कर्णाली प्रदेश सरकार की निरंतर सक्रियता का उल्लेख किया। उन्होंने प्रदेश सरकार द्वारा दलित समुदाय के अधिकार और विकास के इस अभियान में पूर्ण सहयोग देने का स्पष्ट विश्वास व्यक्त किया।

संविधान सभा सदस्य एवं पूर्व आंतरिक मामला तथा कानून मंत्री सीता नेपाली ने संविधान निर्माण के दौरान दलित और दलित महिलाओं के अनिवार्य प्रतिनिधित्व के लिए अपनी भूमिका की याद दिलाई। 11 बिंदुओं वाली मांगपत्र में कर्णाली प्रदेश में दलित के अनुकूल बजट, नीति और कार्यक्रम तैयार कर लागू करने, अनिवार्य और निःशुल्क शिक्षा कार्यक्रम (शिक्षा ऐन, २०७५) को पूरी तरह लागू करने तथा उच्च शिक्षा छात्रवृत्ति कोष की स्थापना की मांग शामिल है।

बैठक ने 21 सदस्यीय तदर्थ समिति का गठन किया, जिसके सहसंयोजकों में मोहन सुनार और ज्ञानसिंह विक हैं। संघ के केन्द्रीय अध्यक्ष दीपक विश्वकर्मा ने बताया कि इस अभियान को सभी सातों प्रदेशों में फैलाया जाएगा और दलित जनप्रतिनिधियों को दलित-मित्र नीति, कार्यक्रम एवं बजट तैयार करने के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा।