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गौतमबुद्ध विमानस्थल से नियमित अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए भारतीय पक्ष से अनुरोध

समाचार सारांश

समीक्षा किए गए स्रोतों पर आधारित।

  • भारत के गोरखपुर में सम्पन्न ‘‘भारत–नेपाल आर्थिक सहयोग मंच–२०२६’’ में दोनों देशों के प्रतिनिधियों ने द्विपक्षीय आर्थिक सहयोग को मजबूत करने पर जोर दिया।
  • कार्यक्रम में गौतमबुद्ध अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का पूर्ण संचालन और लुम्बिनी के अंतरराष्ट्रीय पर्यटन संवर्धन में भारतीय निजी क्षेत्र की सक्रिय भागीदारी आवश्यक बताई गई।
  • नेपाल और भारत के उद्योगपतियों ने भैरहवा में विशेष आर्थिक क्षेत्र (सेज) में भारतीय उद्योगों को आकर्षित करने के लिए नीतिगत और व्यावसायिक सहयोग की आवश्यकता जताई।

२१ जेठ, बुटवल। नेपाल और भारत के बीच आर्थिक, व्यापारिक और निवेश सहयोग को और प्रभावी बनाकर साझा समृद्धि का आधार तैयार करने के लिए दोनों देशों के सरकारी और निजी क्षेत्र के प्रतिनिधियों ने जोर दिया है।

गौतमबुद्ध अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पूर्ण संचालन, सीमा पार क्षेत्र के औद्योगिक विकास और लुम्बिनी के अंतरराष्ट्रीय पर्यटन संवर्धन में भारत के निजी क्षेत्र की सक्रिय भागीदारी की आवश्यकता पर प्रकाश डाला गया है।

गुरुवार को भारत के गोरखपुर में सम्पन्न ‘‘भारत–नेपाल आर्थिक सहयोग मंच–२०२६’’ में शामिल वक्ताओं ने कृषि, पर्यटन, ऊर्जा, बैंकिंग, आधारभूत संरचना, औद्योगिक निवेश और सीमा पार व्यापार को प्राथमिकता में रखकर द्विपक्षीय सहयोग को नई ऊंचाईयों पर ले जाने की बात कही।

कार्यक्रम में नेपाली निजी क्षेत्र के प्रतिनिधियों ने गौतमबुद्ध अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को नियमित अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए भारतीय एयरलाइंस कंपनियों और निजी क्षेत्र के सहयोग की आवश्यकता बताई।

हवाई अड्डे के संचालन से लुम्बिनी क्षेत्र के पर्यटन, व्यापार और निवेश संवर्धन में महत्वपूर्ण योगदान होने की उम्मीद व्यक्त की गई।

चर्चा के दौरान भैरहवा में स्थित विशेष आर्थिक क्षेत्र (सेज) में भारतीय उद्योगों को आकर्षित करने हेतु नीतिगत और व्यावसायिक सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया गया। प्रतिभागियों ने सीमा पार क्षेत्र के औद्योगिक संभावनाओं का उपयोग करते हुए संयुक्त निवेश और उत्पादन विस्तार पर बल दिया।

लुम्बिनी को अंतरराष्ट्रीय धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित करने के लिए भारतीय पर्यटन व्यवसायियों और निजी क्षेत्र को अधिक भूमिका निभानी चाहिए, इस बात पर भी वक्ताओं ने जोर दिया। बुद्ध के जन्मस्थान लुम्बिनी को भारतीय बौद्ध पर्यटकों और अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के प्रमुख गंतव्य के रूप में संवर्धित करने हेतु संयुक्त अभियान चलाने का सुझाव दिया गया।

भारत में नेपाली दूतावास के सहसचिव तारानाथ अधिकारी ने कहा कि नेपाल और भारत के बीच आर्थिक संबंधों को और मजबूत बनाने के लिए व्यापार, पर्यटन, निवेश और आधारभूत संरचना विकास में सहयोग बढ़ाना चाहिए। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के निजी क्षेत्र के बीच साझेदारी आर्थिक समृद्धि की मजबूत नींव बन सकती है।

भारत में नेपाली दूतावास के आर्थिक सलाहकार रवींद्रजंग थापा ने कहा कि नेपाल में निवेश, उद्योग, पर्यटन और व्यापार में अपार संभावनाएं हैं, और निजी क्षेत्र की सक्रिय भागीदारी द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों को और मजबूत करेगी।

नेपाल उद्योग वाणिज्य महासंघ के उपाध्यक्ष कृष्णप्रसाद शर्मा ने बताया कि व्यापार की सुविधा, निवेश-मैत्री वातावरण का सृजन और सीमा पार क्षेत्र के आर्थिक विकास को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि नेपाल–भारत आर्थिक संबंधों को वास्तविक और परिणाममुखी बनाने में निजी क्षेत्र की भूमिका महत्वपूर्ण है।

भारत-नेपाल आर्थिक सहयोग मंच के सचिव, उपाध्यक्ष और कार्यक्रम अध्यक्ष कमलेश जैन ने नेपाल-भारत आर्थिक सहयोग के अवसरों, व्यापारिक संबंधों और निजी क्षेत्र की भूमिका के बारे में जानकारी देते हुए दोनों देशों के साझेदारी को और अधिक परिणाममुखी बनाने की आवश्यकता बताई।

भारतीय उद्योगपति अनुकुल भटनागर ने कहा कि नेपाल और भारत के ऐतिहासिक संबंधों को आर्थिक विकास से जोड़ना चाहिए तथा व्यापार, उद्योग, निवेश और वित्तीय सहयोग के विस्तार के माध्यम से दोनों देश पारस्परिक लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

नेपाल चेंबर ऑफ कॉमर्स लुम्बिनी प्रदेश के अध्यक्ष टंक पोखरेल ने कहा कि सीमा पार क्षेत्र के व्यापार, पर्यटन और उद्योग संवर्धन के लिए निजी क्षेत्र के बीच सहयोग बढ़ाना आवश्यक है।

नेपाल उद्योग वाणिज्य महासंघ लुम्बिनी प्रदेश के अध्यक्ष ठाकुरकुमार श्रेष्ठ ने सीमा पार क्षेत्र के आर्थिक विकास, पर्यटन और औद्योगिक सहयोग के विस्तार पर जोर दिया।

कार्यक्रम में नेपाल और भारत के उद्योगपतियों, व्यवसायियों, बैंकिंग क्षेत्र के प्रतिनिधियों, वाणिज्य और उद्योग संघ के पदाधिकारियों तथा विशेषज्ञों के बीच गोलमेज़ चर्चा, अंतःक्रिया और अनुभवों के आदान-प्रदान का आयोजन किया गया। प्रतिभागियों ने गौतमबुद्ध अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के संचालन, लुम्बिनी पर्यटन संवर्धन, विशेष आर्थिक क्षेत्र में निवेश विस्तार, व्यापारिक प्रक्रियाओं के सरलीकरण, आधारभूत संरचना विकास और निजी क्षेत्र के सहयोग के माध्यम से द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों को और प्रभावी बनाने का निष्कर्ष निकाला।