एमाले महासचिव पोखरेल ने पार्टी की चुनौतियों और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा की

नेकपा एमाले के महासचिव शंकर पोखरेल ने पार्टी के सामने उपस्थित चुनौतियों को पार करने और जनता का विश्वास पुनः प्राप्त करने की उम्मीद व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि पार्टी को मजबूत बनाने के लिए खुली आत्मसमीक्षा, कमजोरियों को स्वीकार करना, एकता और अनुशासन अनिवार्य हैं। उनका मानना है कि ये सभी कार्य संस्थागत और कानूनी प्रक्रियाओं के माध्यम से ही सफल हो सकते हैं। २२ जेठ, काठमाडौं।
महासचिव पोखरेल ने कहा कि भले ही वर्तमान में जनता और पार्टी के बीच दूरी बढ़ी है, लेकिन इसे फिर से मजबूती से स्थापित किया जा सकता है। उन्होंने पार्टी में खुली आत्मपरिक्षण, एकता और अनुशासन की अत्यंत आवश्यकता बताई। नेकपा एमाले में नेतृत्व परिवर्तन की बहस के दौरान उन्होंने ये बातें फेसबुक के माध्यम से साझा कीं।
अपने फेसबुक पोस्ट में उन्होंने लिखा, ‘पार्टी के सामने कई चुनौतियाँ हैं, लेकिन इन्हें जीतना संभव है। समस्याएँ हैं, लेकिन उनके समाधान भी उपलब्ध हैं। चुनाव परिणामों ने जनता के साथ पार्टी के तालमेल में कमी दिखाई है, लेकिन इसे फिर से सुदृढ़ किया जा सकता है।’ उन्होंने आगे लिखा, ‘इसके लिए आवश्यक है खुली आत्मसमीक्षा, कमजोरियों को स्वीकार करना, एकता और अनुशासन। ये सभी प्रक्रियाएँ संस्थागत और कानूनी तरीके से ही सफल हो सकती हैं।’





