मेटा ने ओहायो में टेंट के अंदर डाटा सेंटर की स्थापना, एआई चिप को जोड़ने की नई योजना

मेटा कंपनी ने संयुक्त राज्य अमेरिका के ओहायो में एआई क्षमता बढ़ाने के लिए ‘रैपिड डिप्लॉयमेंट स्ट्रक्चर’ के अंतर्गत बड़े टेंटों के अंदर अपने डाटा सेंटर बनाए हैं। निर्माण समय को आधा करने के लक्ष्य के साथ स्थापित 1 लाख 25 हजार वर्ग फीट क्षेत्रफल वाले पांच टेंटों में अरबों डॉलर मूल्य के एआई चिप्स लगाए जाएंगे। डाटा सेंटर पर 145 अरब डॉलर तक खर्च करने की मेटा की बड़ी योजना के कारण इस वर्ष कंपनी के शेयर मूल्य में 5 प्रतिशत की गिरावट आई है।
कृत्रिम बुद्धिमत्ता की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए मेटा ने अनोखी रणनीति अपनाई है। कंपनी ने ओहायो के न्यू ऑल्बानी क्षेत्र में बड़े टेंटों के भीतर अपने डाटा सेंटर बनाए हैं। इसे मेटा ‘रैपिड डिप्लॉयमेंट स्ट्रक्चर’ कहता है। डाटा सेंटर निर्माण क्षेत्र में निकटता से निरीक्षण करने वाली कंपनी ‘क्लिनव्यू’ के संस्थापक माइकल थोमस ने इस जानकारी का खुलासा किया है।
यह रणनीति टेस्ला और एक्सएआई जैसी कंपनियों के कार्यशैली से मेल खाती है। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य निर्माण समय को आधा करना है। थोमस ने स्थानीय अनुमति पत्रों के अध्ययन के आधार पर बताया कि मेटा ने अप्रैल और जून के बीच पांच बड़े टेंटों का निर्माण शुरू किया था। प्रत्येक टेंट 1 लाख 25 हजार वर्ग फीट क्षेत्र में फैला हुआ है।
सैटेलाइट से लिए गए छवियों में इन संरचनाओं के निर्माण पूरा होने का दृश्य दिखाई देता है। इससे पहले, 2025 में मेटा के सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने भी मौसम प्रतिरोधी टेंटों का उपयोग करके मल्टी-गिगावाट डाटा सेंटर स्थापित करने की योजना बताई थी। इस डाटा सेंटर साइट को 200 मेगावाट क्षमता वाले मॉड्यूलर गैस टरबाइन से ऊर्जा दी जाती है, जिसे तकनीक में मस्क की एक्सएआई कंपनी भी प्रयोग कर रही है।
इन टेंटों के भीतर अरबों डॉलर मूल्य के एआई चिप्स लगाए जाएंगे। मेटा ने अपनी नई एआई मॉडल ‘म्यूज स्पार्क’ का विकास कर लिया है, लेकिन डेवलपर्स के लिए इसकी पहुंच प्रदान करने में कुछ देरी हो रही है, ऐसा समय में यह भौतिक पूर्वाधार तैयार हुआ है। मेटा ने डाटा सेंटर और अन्य पूंजीगत खर्चों के लिए 145 अरब डॉलर तक खर्च करने की योजना बनाई है। कंपनी की इस भारी खर्च योजना पर निवेशकों का उत्साह कम है, जिससे इस साल इसके शेयर मूल्य में 5 प्रतिशत की गिरावट आई है। पक्की इमारत की बजाय टेंट में एआई चिप्स रखने को कंपनी का खर्च घटाने और तेजी से परिणाम पाने का प्रयास माना जा रहा है।




