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भारत की राजधानी दिल्ली में काकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन को देखते हुए वहां सुरक्षा इंतजाम कड़ी कर दिए गए हैं।
मज़ाक के रूप में स्थापित भारत के सबसे बड़े ऑनलाइन युवा अभियान ने पहली बार सड़क पर कदम रखा है।
अमेरिका से शनिवार सुबह दिल्ली आए सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके जंतर मंतर पहुंचे हैं।
सुरक्षा कर्मी बड़ी संख्या में तैनात किए गए हैं। पत्रकार भी कई जगहों पर मौजूद हैं। बीबीसी हिंदी के अनुसार प्रदर्शनकारियों की संख्या बढ़ रही है।
सीजेपी के विरोध में भारतीय जनता पार्टी के समर्थनकर्ता भी जंतर मंतर पहुँचे थे।
पुलिस ने उन्हें विरोध करने से रोकते हुए बाहर निकाल दिया।
सीजेपी का नाम भारत के प्रधान न्यायाधीश से लिया गया है, जिन्होंने बेरोजगार युवाओं की तुलना “काकरोच” से की थी।
यह अभियान पिछले माह शुरू हुआ है और इंस्टाग्राम पर लगभग 22 मिलियन फॉलोअर्स पा चुका है।
यह सरकार के प्रति असहमति की सबसे बड़ी अभिव्यक्ति बन गया है।
जंतर मंतर में प्रदर्शन: ‘प्रेम और शांतिपूर्ण’
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अभियान के संस्थापक अभिजीत दीपके अमेरिका से शनिवार को दिल्ली पहुंचे, जिसके कारण इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सुरक्षा बढ़ा दी गई थी।
हवाई अड्डे से बाहर आते हुए दीपके ने मीडिया को कहा, “शिक्षामंत्री (धर्मेन्द्र प्रधान) को इस्तीफा दे देना चाहिए। पांच छात्रों ने आत्महत्या कर ली है।”
उन्होंने ‘राष्ट्रीय पात्रता प्रवेश परीक्षा’ (नीट) के प्रश्नपत्र चोरी होने के बाद आत्महत्या करने वाले विद्यार्थियों का भी जिक्र किया।
वहां से प्रदर्शन स्थल जंतर मंतर पहुंचे और समर्थकों के साथ नारे लगाए।
उन्होंने कहा, “पिछले 5-10 दिनों से लोग मुझसे पूछ रहे हैं कि सोशल मीडिया पेज चलाने से क्या होता है? कैमरा घुमाकर दिखाइए, कितने काकरोच घर से निकलकर जंतर मंतर पहुंच चुके हैं।”
शिक्षाविद और लद्दाख की पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने कहा था कि पुलिस दीपके को गिरफ्तार कर सकती है।
“आशा है कि सब कुछ ठीक होगा, लेकिन खराब स्थिति के लिए भी तैयारी कर लें। आइए इस आंदोलन को भारत के इतिहास का सबसे शांतिपूर्ण आंदोलन बनाएं,” उन्होंने शुक्रवार रात सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “ध्यान रखें—कोई गलत तत्व अफवाह न फैलाए।”
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परन्तु गिरफ्तारी की संभावना गलत साबित हुई। संस्थापक दीपके दिल्ली पहुंचे हैं और पहले से सोशल मीडिया पर लगातार जानकारी दे रहे थे।
उन्होंने प्रदर्शन को शांतिपूर्ण बनाने का आह्वान किया। “कृपया किताबें और हमारे झंडे लाना न भूलें,” उन्होंने लिखा, “पुलिस को फूल दें, यह करुणा और आभार का प्रतीक होगा, हमें आंदोलन को प्रेम और शांति के साथ आगे बढ़ाना होगा।”
काकरोच जनता पार्टी को जंतर मंतर में प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिलने की उम्मीद थी।
क्या यह जेन जी आंदोलन है?
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शिव सेना की नेता और राज्यसभा की पूर्व सदस्य प्रियंका चतुर्वेदी ने अनुमति देने पर दिल्ली पुलिस की सराहना की है।
उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, “संभावित रूप से पहली बार दिल्ली पुलिस ने सही काम किया है।”
उन्होंने कहा कि अब ऑनलाइन समर्थन सड़क पर कितना प्रभावशाली होगा, यह परीक्षण शुरू होगा।
“अब ऑनलाइन समर्थन सड़क पर शक्ति बनेगा या नहीं, देखते हैं,” उन्होंने लिखा।
एक व्यंग्यात्मक सोशल मीडिया अभियान, “काकरोच जनता पार्टी” आभासी दुनिया से वास्तविक दुनिया यानी सड़क पर उतर आया है।
सीजेपी ने एक्स हैंडल ‘CockroachIsBank’ पर लिखा था, “अब समय आ गया है कि इस छोटे मजाक को आंदोलन में बदल दिया जाए।”
इस अभियान में भारत के प्रसिद्ध और वरिष्ठ कानूनविद प्रशांत भूषण ने इसे जेन जी आंदोलन कहा है।
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सामाजिक मीडिया पर उन्होंने भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और रोजमर्रा के घोटालों के बारे में बताते हुए कहा कि विदेश नीति पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है और अमेरिका पर निर्भरता बढ़ी है।
“चुनाव आयोग, न्यायपालिका, मीडिया समेत विभिन्न संस्थाएं कमजोर हुई हैं, हम एक बड़ी आँधी के घेरे में हैं। काकरोच जनता पार्टी इसका स्वाभाविक परिणाम है,” उन्होंने कहा, “इस जेन जी आंदोलन को समझदारी भरा समर्थन और मार्गदर्शन चाहिए।”
राजनीतिक विश्लेषक योगेंद्र यादव ने विपक्षी दलों से सीजेपी के अभियान का समर्थन करने की अपील की।
सोशल मीडिया एक्स पर एक वीडियो साझा करते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी का नाम जो भी हो, सभी को एक साथ खड़ा होना चाहिए।
“पार्टी से बड़ा देश है, हमें मिलकर इस देश को बचाना है,” उन्होंने आग्रह किया।
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