इस्मा घटना में पुलिस और प्रशासन की भूमिका निंदनीय, चार दलों का आरोप और आंदोलन तेज करने की चेतावनी

गुल्मी के इस्मा गाउँपालिका की उपाध्यक्ष और महिला कर्मचारी के साथ हुए दुर्व्यवहार की घटना में पुलिस और प्रशासन ने पीड़ित की शिकायत दर्ज कराने में आनाकानी का आरोप लगाया है। चार राजनीतिक दलों ने संयुक्त विज्ञप्ति जारी कर प्रशासन और पुलिस की कमजोरी सुधार न होने पर आंदोलन के कार्यक्रम आगे बढ़ाने की चेतावनी दी है। रास्वपा के सांसद गोविन्द पन्थी ने इस्मा घटना को सामान्य बताते हुए इसे राजनीतिक रूप से अतिरंजित करने का दावा किया है। २४ जेठ, गुल्मी।
गुल्मी के इस्मा गाउँपालिका की उपाध्यक्ष, महिला कर्मचारी और शिक्षक के साथ हुए दुर्व्यवहार के प्रकरण में पुलिस–प्रशासन की भूमिका निंदनीय होने के कारण जिले के चार राजनीतिक दलों ने कड़ी आपत्ति जताई है। नेपाली कांग्रेस, नेकपा एमाले, नेकपा और राष्ट्रिय जनमोर्चा ने संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि पुलिस प्रशासन ने पीड़ितों की शिकायत दर्ज कराने में आनाकानी की है। इसके अलावा, उन्होंने दावा किया है कि प्रभावशाली तरीके से जांच प्रक्रिया नहीं चलाई गई और आंदोलनरत महिलाओं को धोखा देकर आरोपियों को रिहा कर दिया गया।
विज्ञप्ति में उल्लेख किया गया है कि २०८३ जेठ ८ को सिमलटारी में आयोजित आध्यात्मिक कार्यक्रम में भाग लेने जाते समय इस्मा गाउँपालिका की उपाध्यक्ष, महिला कर्मचारी, शिक्षक तथा चालक के खिलाफ एक अराजक समूह द्वारा पीछा करने, रास्ता रोकने, गाली-गलौज करने और चालक को बेइज्जत करने जैसी घटनाएँ हुईं। न्याय की मांग लेकर आंदोलनरत महिलाओं ने शुक्रवार को जिला प्रशासन कार्यालय और जिला पुलिस कार्यालय गुल्मी के सामने प्रदर्शन भी किया। महिलाओं ने दोषियों के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई और निष्पक्ष जांच की मांग के साथ दबावमूलक कार्यक्रम जारी रखा।
चार दलों ने आंदोलनरत महिलाओं के न्याय की मांग के प्रति पूर्ण एकजुटता जताई है और प्रमुख जिल्ला अधिकारी, पुलिस उपरीक्षक और जिला न्यायाधिवक्ता को जिम्मेदार ठहराते हुए जांच प्रक्रिया तेज करने का आग्रह किया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन और पुलिस अपनी कमियों को नहीं सुधारेंगे तो संयुक्त रूप से और सशक्त आंदोलन के कार्यक्रम आयोजित करने को मजबूर होंगे। इस संयुक्त विज्ञप्ति पर नेपाली कांग्रेस के अध्यक्ष खिलध्वज पन्थी, नेकपा एमाले के उपसचिव चक्रबन्धु भुसाल, नेकपा के संयोजक तेजिन्द्र सलामी मगर और राष्ट्रिय जनमोर्चा के प्रतिनिधि हरि न्यौपाने के हस्ताक्षर हैं। राष्ट्रीय स्वतन्त्र पार्टी (रास्वपा) गुल्मी जिला अधिवेशन में गुल्मी क्षेत्र संख्या २ के सांसद गोविन्द पन्थी ने इस्मा घटना पर बोलते हुए इसे सामान्य बताया और कहा कि इस घटना को अतिरंजित किया गया है। उन्होंने सांसद से लेकर जिला स्तर तक रास्वपा के घेराव की कोशिशों का आरोप लगाया। उनके अनुसार इस घटना को राजनीतिक रंग देने और रास्वपा व उनके खिलाफ योजनाबद्ध प्रचार करने का संकेत दिया गया है। इस्मा घटना के दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए महिला जनप्रतिनिधि और चार संगठनों की महिलाएं पुलिस प्रशासन कार्यालय के सामने प्रदर्शन कर चुकी हैं।





