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विदेशी विश्वविद्यालय के प्राध्यापक भी त्रिभुवन विश्वविद्यालय के उपकुलपति पद के लिए प्रतियोगिता में

समाचार सारांश

संपादकीय समीक्षा पश्चात तैयार किया गया।

  • त्रिभुवन विश्वविद्यालय के उपकुलपति पद के लिए सिफारिश समिति ने ५० उम्मीदवारों में से १० की लघु सूची प्रकाशित की है।
  • लघु सूची में पूर्व उपकुलपति से लेकर अमेरिका के ल्यूसियाना विश्वविद्यालय के प्राध्यापक भी शामिल हैं।
  • उम्मीदवारों के संबंध में २५ जेठ २०८३ तक गूगल लिंक के माध्यम से प्रतिक्रिया दी जा सकती है, समिति ने जानकारी दी है।

२४ जेठ, काठमांडू। त्रिभुवन विश्वविद्यालय के उपकुलपति पद के लिए पूर्व उपकुलपतियों से लेकर विदेशी विश्वविद्यालयों के प्राध्यापक भी प्रतियोगिता में शामिल हैं। सिफारिश समिति ने शुक्रवार को १० उम्मीदवारों की शॉर्टलिस्ट सार्वजनिक की।

समिति द्वारा वर्णानुक्रम में प्रकाशित लघु सूची में प्रो.डा. अमरप्रसाद यादव शामिल हैं। वे राजर्षिज्ञानक विश्वविद्यालय के पूर्व उपकुलपति रह चुके हैं। सरकार द्वारा अध्यादेश के माध्यम से सभी विश्वविद्यालयों के उपकुलपतियों को बर्खास्त करने के बाद वे पद से हट गए थे। अब वे त्रि.वि. उपकुलपति पद के लिए प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं।

प्रो.डा. कविप्रसाद पोखरेल भी शॉर्टलिस्ट में हैं। वे शिक्षाशास्त्र केंद्रीय विभाग के पूर्व प्रमुख रहे हैं। साथ ही प्रो.डा. कृष्णराज आचार्य, जो अर्थशास्त्र केंद्रीय विभाग के प्राध्यापक हैं, भी सूची में स्थान पा चुके हैं।

इसी तरह, प्रो.डा. गोविन्द सुवेदी त्रि.वि. क्याम्पस कीर्तिपुर के पूर्व प्रिंसिपल हैं। प्रो.डा. टंकनाथ धमला केंद्रीय गणित विभाग एवं कम्प्यूटर विज्ञान एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के पूर्व प्रमुख हैं। वे त्रिभुवन विश्वविद्यालय के सन् १९८९ के टॉपर और चांसलर गोल्ड मेडल प्राप्तकर्ता भी हैं।

पूर्व प्रधानमंत्री पुष्पकमल दाहाल के कार्यकाल में भी धमला उपकुलपति पद के लिए दौड़ में थे। सिफारिश समिति ने उपकुलपति पद के लिए तीन नाम सिफारिश किए जिसमें वे एक थे, लेकिन अंततः प्रो.डा. केशरजंग बराल उपकुलपति नियुक्त हुए।

प्रो.डा. ताराप्रसाद भुसाल अर्थशास्त्र केंद्रीय विभाग के प्राध्यापक हैं और मानविकी तथा सामाजिक विज्ञान संकाय के पूर्व सहायक डीन भी। वे वर्तमान में त्रि.वि. इन्क्युबेशन सेंटर के निदेशक भी हैं।

प्रो.डा. दुर्गादत्त पौडेल अमेरिकी ल्यूसियाना विश्वविद्यालय के प्राध्यापक हैं। इस बार विदेशी विश्वविद्यालय में कार्यरत प्राध्यापक ने भी त्रिभुवन विश्वविद्यालय के उपकुलपति पद के लिए आवेदन किया है।

प्रो.डा. नन्दबहादुर सिंह मध्यपश्चिम विश्वविद्यालय के पूर्व उपकुलपति हैं। प्रो.डा. भोला थापा काठमांडू विश्वविद्यालय के पूर्व उपकुलपति हैं जो इस बार त्रि.वि. उपकुलपति पद के लिए आवेदन किए गए हैं।

अनुसंधानकर्ता प्रो.डा. रामप्रसाद रेग्मी भौतिकशास्त्र केंद्रीय विभाग के प्राध्यापक हैं। त्रिभुवन विश्वविद्यालय के उपकुलपति पद के लिए कुल ५० लोगों ने आवेदन किया था जिनमें से १० की शॉर्टलिस्ट तैयार की गई है। सिफारिश समिति ने विशेषज्ञता के आधार पर नामों का चयन किया है।

पिछले २५ वैशाख को दस दिनों के लिए उपकुलपति पद के लिए खुला आवेदनों का आमंत्रण किया गया था। अध्यादेश द्वारा उपकुलपति पद खाली होने के बाद नया उपकुलपति नियुक्त किया जा रहा है।

उम्मीदवारों पर सार्वजनिक राय–सुझाव

अब उम्मीदवारों के संबंध में सार्वजनिक राय–सुझाव देने की व्यवस्था की गई है। समिति ने कहा है कि सोमवार तक राय–सुझाव प्रस्तुत किए जा सकते हैं। ‘लघु सूची में शामिल उम्मीदवारों के बारे में २०८३ जेठ २५ तक दिए गए गूगल लिंक के माध्यम से राय–सुझाव दिया जा सकता है, इसलिए सभी से अनुरोध है,’ सूचनामें कहा गया है।

इसके बाद उम्मीदवार प्रस्तुतीकरण और साक्षात्कार देंगे। लघु सूची के उम्मीदवारों के विश्वविद्यालय संबंधी सोच पत्र और रणनीतिक कार्ययोजना का मूल्यांकन किया जाएगा। यह मूल्यांकन एक से अधिक विशेषज्ञों द्वारा किया जाएगा। विशेषज्ञ टीम के सदस्यों के नाम सार्वजनिक नहीं किए गए हैं, लेकिन सिफारिश समिति ने विशेषज्ञों की सूची तैयार कर रखी है।

उपकुलपति पद के उम्मीदवार के मूल्यांकन में शिक्षा मंत्री सस्मित पोखरेल समेत समिति के सदस्य शामिल नहीं होंगे। केवल विशेषज्ञ टीम मूल्यांकन करेगी। समिति ने कहा है कि एक प्रक्रिया में भाग लेने वाले विशेषज्ञ दूसरी प्रक्रिया में शामिल नहीं होंगे।

पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए समिति के सदस्य मूल्यांकन प्रक्रिया में शामिल नहीं किए गए हैं। मंत्री के सचिवालय के अनुसार आवेदकों को अंक केवल विशेषज्ञ ही देंगे। सभी चरण पूरे होने के बाद विशेषज्ञों के अंक के आधार पर सिफारिश समिति कुलपति को नाम भेजेगी।