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भारत के साथ सीमापार भुगतान समझौता क्या है? नेपाली भारत में क्यूआर कोड के माध्यम से भुगतान कब से कर सकेंगे?

भारतीय विदेशमन्त्री एस जयशङ्कर र नेपाली परराष्ट्रमन्त्री शिशिर खनाल

तस्वीर स्रोत, Jaishankar/X

तस्वीर का कैप्शन, भारतीय विदेशमंत्री एस जयशंकर और नेपाली विदेश मंत्री शिशिर खनाल की मौजूदगी में सहमति हुई थी

इस सप्ताहांत दिल्ली में हुई समझौते के अनुसार नेपाल और भारत के बीच ‘पीटुपी’ कहा जाने वाला व्यक्ति-व्यक्ति सीमापार भुगतान समझौता लागू हो गया है।

यह कदम जून 2023 में नेपाल क्लियरिंग हाउस लिमिटेड (एनसीएचएल) और नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) के बीच हुए समझौते का हिस्सा है।

इस समझौते के तहत, मार्च 2024 से भारतीय नागरिक नेपाल में क्यूआर कोड के माध्यम से भुगतान कर पा रहे हैं, लेकिन नेपाली नागरिक अभी तक भारत में इसी प्रकार की सुविधा का लाभ नहीं उठा पाए हैं।

पिछला सहमति क्या है?

पीटुपी (Peer-to-Peer) भुगतान का अर्थ है व्यक्ति द्वारा सीधे दूसरे व्यक्ति के खाते में भुगतान दर्ज करवाने की प्रक्रिया।

भारत के साथ पहले से हुई सहमति के तहत इस प्रणाली के लागू होते ही दोनों देशों के नागरिक आसानी से एक-दूसरे के खातों में पैसे भेजने और प्राप्त करने में सक्षम होंगे।