इरान के मिसाइल हमले के बाद तेल बाजार में भारी उतार-चढ़ाव, प्रति बैरल ९७ डॉलर पार

इरान और इज़राइल के बीच सैन्य संघर्ष के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड तेल की कीमत ४.६२% बढ़कर प्रति बैरल ९७.३९ डॉलर तक पहुंच गई है। अमेरिकी कच्चे तेल डब्लूटीआई की कीमत भी ४.३५% बढ़कर प्रति बैरल ९४.४८ डॉलर बनी हुई है। मध्य पूर्व में तनावरहित परिस्थिति बढ़ने के बाद कच्चे तेल की कीमत १०० डॉलर प्रति बैरल पार करने की संभावना बढ़ गई है, जिससे नेपाल में महंगाई बढ़ने की आशंका है। २५ जेठ, काठमांडू।
इरान द्वारा इज़राइल पर किए गए मिसाइल हमले और उसके बाद इज़रायली वायुसेना की जवाबी सैन्य कार्रवाई के कारण विश्व बाजारों में कच्चे तेल की कीमतों में भारी वृद्धि दर्ज की गई है। सोमवार को एशियाई बाजार खुलने के साथ ही ऊर्जा क्षेत्र में यह तीव्र उतार-चढ़ाव विश्व अर्थव्यवस्था के लिए नई चिंता उत्पन्न कर रहा है। अप्रैल में इरान, इज़राइल और अमेरिका के बीच जो युद्धविराम समझौता हुआ था, उसके बाद यह पहली बार हुआ कि इज़राइल के क्षेत्र में मिसाइल फेंके गए, जिससे मध्य पूर्व में आपूर्ति बाधित होने के डर से बाजार में ‘पैनिक खरीद’ शुरू हो गई है।
अंतरराष्ट्रीय मीडिया के अनुसार, समाचार तैयार करने तक ब्रेंट क्रूड तेल की कीमत ४.६२% बढ़कर प्रति बैरल ९७.३९ अमेरिकी डॉलर हो गई है। अमेरिकी कच्चे तेल डब्लूटीआई की कीमत भी ४.३५% बढ़कर प्रति बैरल ९४.४८ डॉलर बनी हुई है। कच्चे तेल के साथ-साथ पेट्रोलियम से जुड़े अन्य पदार्थों की कीमतों में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है: पेट्रोल की कीमत ३.३६% बढ़कर ३.१४ डॉलर हो गई है, जबकि हिटिंग ऑयल की कीमत ४.१२% बढ़कर ३.७३ डॉलर हुई है। हालांकि, प्राकृतिक गैस की कीमत में १.५९% की मामूली गिरावट आई है। पिछले एक सप्ताह से लगभग प्रति बैरल ९५ डॉलर के आसपास स्थिर रहे तेल की कीमत नई सैन्य तनाव के कारण ९७ डॉलर पार कर गई है। मध्य पूर्व संघर्ष लंबे समय तक रहने पर कच्चे तेल की कीमत १०० डॉलर प्रति बैरल से ऊपर जाने की संभावना विशेषज्ञों ने जताई है। तेल की कीमतों में वृद्धि, नेपाल जैसे आयात पर निर्भर अर्थव्यवस्था पर प्रत्यक्ष प्रभाव डाल सकती है तथा उपभोक्ता वस्तुओं की कीमतों में और वृद्धि होने का अनुमान है।




