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पर्यावरण संरक्षण के लिए नई पहल

दंत चिकित्सक डा. मनु कार्की द्वारा सन् २०१९ में स्थापित ‘इको साथी नेपाल’ ने प्लास्टिकमुक्त और सतत जीवनशैली को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। नेपाल में पर्यावरण संरक्षण, सतत उपभोग और प्लास्टिकमुक्त जीवनशैली के विषय में बढ़ती चर्चा के बीच ‘इको साथी नेपाल’ ने व्यवहारिक विकल्प प्रस्तुत कर अपनी अलग पहचान बनाई है। यह अभियान सामाजिक और व्यावसायिक पहल के रूप में पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली के प्रचार में सक्रिय है।

इको साथी नेपाल की शुरुआत डा. कार्की के ताइवान प्रवास के पश्चात हुई थी। सन् २०१८ में ताइवान की यात्रा के दौरान, उन्होंने देखा कि वहाँ के लोग प्लास्टिक के उपयोग को कम करते हैं, अपनी स्वयं की थैली लेकर बाजार जाते हैं और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार व्यवहार अपनाते हैं। नेपाल लौटने पर जब उन्होंने पर्यावरण अनुकूल उत्पादों की खोज की, तो देखा कि ये सहज उपलब्ध नहीं हैं और अधिकांश उत्पाद विदेशी होने के कारण अत्यधिक प्लास्टिक पैकेजिंग में होते हैं, इस अनुभव ने उन्हें नेपाल में स्थायी और पर्यावरण-मित्र विकल्प विकसित करने की प्रेरणा दी।

इको साथी नेपाल का मुख्य उद्देश्य प्लास्टिकमुक्त जीवनशैली को सरल और व्यवहारिक बनाना है। डा. कार्की के अनुसार, नेपाली समाज में पुन: उपयोग की संस्कृति होने के बावजूद हाल के वर्षों में प्लास्टिक सामग्री का उपयोग बढ़ा है। संस्था प्लास्टिक के विकल्प खोजने और उपभोक्ताओं को इस दिशा में प्रेरित करने का कार्य करती है। इस अभियान का प्रमुख पहलू ‘जिरो वेस्ट स्टोर’ है, जहाँ ग्राहक अपने स्वयं के कंटेनर लेकर आवश्यक सामग्री रीफिल कर सकते हैं। वर्तमान में फ्लोर क्लीनर, हैंड वाश और डिश वाश जैसे उत्पाद उपलब्ध हैं।

इको साथी नेपाल दैनिक उपयोग की विभिन्न प्लास्टिक सामग्री के पर्यावरण अनुकूल विकल्प भी उपलब्ध कराता है। बाँस से बने टूथब्रश, प्राकृतिक टूथ पाउडर, पुन: उपयोग योग्य मेटल रेजर, मासिक धर्म कप, डिश ब्रश, नेटल (सिस्नो) साबुन, चिउरी से बने डिओडोरेंट बाम आदि सामग्री स्टोर में उपलब्ध हैं। ये उत्पाद बायो-इंजाइम, संतरे का अर्क और अन्य प्राकृतिक स्रोतों से तैयार किये गए हैं।

इको साथी नेपाल पर्यावरण मित्र सामग्री के उपयोग को भी प्रोत्साहित करता है। बाजार में बड़े पैमाने पर उपयोग होने वाले पॉलिएस्टर प्रेयर फ्लैग के विकल्प के रूप में कपास से बने प्रेयर फ्लैग उपलब्ध कराए गए हैं। इस अभियान का एक अन्य महत्वपूर्ण पहलू सर्कुलर इकॉनमी की अवधारणा है। डा. कार्की का मानना है कि पर्यावरण संरक्षण के लिए बड़ी निवेश या कठिन प्रयास आवश्यक नहीं है। वह कहती हैं, ‘पर्यावरण मित्र बनने की बात महंगी नहीं, बल्कि जागरूकता की है, जिसे सभी अपना सकते हैं।’