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बागमती प्रदेश में 15 और सहकारी संस्थाएँ समस्याग्रस्त, बचतकर्ताओं के 3 अरब से अधिक रुपये जोखिम में

बागमती प्रदेश में 15 और सहकारी संस्थाएं समस्याग्रस्त हो गई हैं। बचतकर्ताओं ने इन सहकारियों को समस्याग्रस्त घोषित करने की मांग राष्ट्रीय सहकारी नियमन प्राधिकरण से की है। प्राधिकरण के अनुसार, इन 15 सहकारियों में जनता की लगभग 2 अरब 95 करोड़ 67 लाख रुपये की बचत फंसी हुई है। सहकारी अध्यादेश जारी होने के बाद प्राधिकरण को संचालकों की संपत्ति जब्त करने और उनकी विदेशी यात्रा पर रोक लगाने का अधिकार प्राप्त हुआ है। २५ जेठ, काठमाडौं।

बागमती प्रदेश के तहत अतिरिक्त 15 सहकारी संस्थाओं में समस्याएं सामने आई हैं। बचतकर्ताओं ने इन सहकारियों को समस्याग्रस्त घोषित करने के लिए प्राधिकरण से मांग की है। सहकारी ठगी और बचत अपचलन की समस्या दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है। भूमि व्यवस्था, सहकारी, संघीय मामिला तथा सामान्य प्रशासन मंत्रालय ने इससे पहले काठमांडू उपत्यका की 23 सहकारी संस्थाओं को समस्याग्रस्त घोषित किया है। अब तक समस्याग्रस्त सहकारी संस्थाओं की संख्या 46 हो चुकी है।

प्राधिकरण ने इन 15 सहकारी संस्थाओं को समस्याग्रस्त घोषित करने के लिए मंत्रालय को सिफारिश की है। समस्या वाले सहकारी संस्थाओं के संचालकों और व्यवस्थापकों की संपत्ति जब्त करने में प्राधिकरण सक्रिय है। प्राधिकरण द्वारा चुनी गई ये 15 सहकारी काभ्रेपलान्चोक, भक्तपुर, और काठमांडू जिलों में स्थित हैं। प्राधिकरण के एक अधिकारी के अनुसार, इन सहकारियों में बचतकर्ताओं की वापसी योग्य राशि लगभग 2 अरब 95 करोड़ 67 लाख रुपये है।