
साउथ एसियन जोन आईएचएफ ट्रफी २०२६ में भाग लेने के लिए नेपाली राष्ट्रीय ह्याण्डबल टीम बांग्लादेश की राजधानी ढाका के लिए प्रस्थान कर चुकी है। यह प्रतियोगिता जेठ २७ से ३१ तारीख तक आयोजित होगी। टीम को राष्ट्रीय खेलकूद परिषद् (राखेप) के सदस्य-सचिव रामचन्द्र मेहताले विदाई दी है। नेपाल इस प्रतियोगिता में यू–१८ जूनियर और यू–२० यूथ दो वर्गों में प्रतिस्पर्धा करेगा, यह जानकारी नेपाल ह्याण्डबल संघ ने दी है। २६ जेठ, काठमांडू।
अंतरराष्ट्रीय ह्याण्डबल महासंघ (आईएचएफ) की वार्षिक प्रतियोगिता साउथ एसियन जोन आईएचएफ ट्रफी २०२६ में भाग लेने हेतु नेपाली राष्ट्रीय ह्याण्डबल टीम मंगलवार को बांग्लादेश की राजधानी ढाका के लिए रवाना हुई है। इस प्रतियोगिता में नेपाल यू–१८ जूनियर और यू–२० यूथ के दो वर्गों में प्रतिस्पर्धा करेगा, यह जानकारी नेपाल ह्याण्डबल संघ के महासचिव केशव पाठक ने दी है।
ढाका प्रस्थान से पूर्व, राखेप के सदस्य-सचिव रामचन्द्र मेहताले नेपाली टीम को सफलता की शुभकामनाएं देते हुए औपचारिक रूप से विदाई दी। उन्होंने खिलाड़ियों को राष्ट्र के सम्मान और गौरव को ऊंचा रखने के लिए उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए प्रोत्साहित किया। इस प्रतियोगिता में आयोजक बांग्लादेश के साथ नेपाल, भारत, मालदीव, अफगानिस्तान और यमन की टीमें भाग लेंगी।
यू–२० नेपाली टीम में रोशन बिक, हबिन छन्त्याल, विश्वास गायक, सुदीप घले, केविन गुरुङ, निरज गुरुङ, ऋतिक परियार, सुन्दर फगामी, निशान पुन, विकल पुन, मिशन पुन, रिजन श्रेष्ठ, शोनिश तामाङ और विवेक थापा शामिल हैं। टीम के प्रशिक्षक के रूप में नेपाली राष्ट्रीय ह्याण्डबल खिलाड़ी दिनेश श्रेष्ठ नियुक्त हैं। यू–१८ टीम में अनिश विक, अल्बिन गुरुङ, सुजल गुरुङ, दिव्य गुरुङ, सुबिन गुरुङ, सितल गुरुङ, निशान गुरुङ, अदिश फगामी, प्रज्वल पौडेल, संस्कार पुन, कुशल पुन, सुमित पुन, अनमोल श्रेष्ठ और सुशन थापा शामिल हैं। इस टीम का नेतृत्व प्रशिक्षक एवं नेपाली राष्ट्रीय टीम के कप्तान विशाल बस्नेत कर रहे हैं।
प्रस्थान से पहले प्रशिक्षक विशाल बस्नेत ने बताया कि दोनों टीमों ने पोखरा में लगभग दो महीने तक लगातार और कड़ी ट्रेनिंग ली है। उन्होंने कहा है कि वे पदक जीतने के लक्ष्य के साथ मैदान में उतरेंगे। उन्होंने कहा, “खिलाड़ियों ने अथक मेहनत और अनुशासन के साथ तैयारियां की हैं। हम पूर्ण विश्वास करते हैं कि अंतरराष्ट्रीय स्तर की इस प्रतियोगिता में अपनी क्षमता प्रदर्शन कर नेपाल का गौरव बढ़ाएंगे। हमारा लक्ष्य उत्कृष्ट प्रदर्शन के साथ पदक जीतना है।” दोनों नेपाली टीम असार १ को स्वदेश लौटने की योजना बना चुकी हैं।





