
समाचार सारांश
- फिफा विश्वकप २०२६ के उद्घाटन समारोह में भाग लेने अमेरिका जाने से रोक दिए गए एन्फा अध्यक्ष पंकजविक्रम नेम्वाङ और महासचिव किरण राई को विमानस्थल से वापस भेज दिया गया।
- आर्थिक जांच के चलते राष्ट्रीय खेल आयोग की सिफारिश पर अध्यागमन विभाग ने वैशाख से एन्फा के पदाधिकारियों को विदेश जाने से रोका था।
- महासचिव किरण राई ने फिफा और एएफसी के निर्देशों के बावजूद एन्फा में अनुचित बाहरी हस्तक्षेप होने का आरोप लगाया है।
२६ जेठ, काठमांडू। अखिल नेपाल फुटबॉल संघ (एन्फा) के महासचिव किरण राई ने कहा है कि फिफा और एएफसी द्वारा बार-बार दिए गए निर्देशों के बावजूद एन्फा में अनुचित हस्तक्षेप जारी है।
फिफा विश्वकप २०२६ के उद्घाटन कार्यक्रम में भाग लेने से रोके जाने के बाद महासचिव राई ने सोशल मीडिया पर फुटबॉल संगठन में तीसरे पक्ष के अनुचित हस्तक्षेप की बात कही है।
उन्होंने लिखा, ‘विदेश जाने में व्यक्तिगत तौर पर कोई खास रुचि नहीं है। लेकिन फिफा विश्व के २११ देशों के अध्यक्ष और महासचिवों को निमंत्रण देता है (पूरा खर्च फिफा का होता है) और विश्वकप फुटबॉल के उद्घाटन समारोह में उन्हें शामिल कर आगामी चार वर्षों का बजट और फुटबॉल विकास कार्यक्रम पर फुटबॉल समिट आयोजित करता है। इसलिए यह हमारे देश के लिए महत्वपूर्ण था। यह बात कल रखेप को समझाने का प्रयास किया गया, पर वह समझ नहीं सके।’
फिफा विश्वकप फुटबॉल देखने अमेरिका जाने वाले एन्फा अध्यक्ष पंकजविक्रम नेम्वाङ और महासचिव राई को अध्यागमन अधिकारियों ने आज सुबह त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से वापस भेज दिया। अध्यागमन विभाग ने विदेश जाने पर रोक लगा रखी है, जिसकी वजह से उन्हें विमानस्थल पर ही रोक दिया गया।
महासचिव राई ने कहा कि वे देश के लिए काम करना चाहते हैं, ‘हमें विदेश जाने से रोकने की पूर्व सूचना होते हुए भी हम समय पर हवाई अड्डे पर पहुंचे क्योंकि अगर हम फिफा के कार्यक्रम में भाग नहीं ले पाते और उचित कारण नहीं दे पाते तो फिफा हमसे सवाल करता।’
आर्थिक मामले की जांच के कारण राष्ट्रीय खेलकूद परिषद (राखेप) की सिफारिश पर अध्यागमन विभाग ने पिछले वैशाख से एन्फा के सभी पदाधिकारी को विदेश जाने पर प्रतिबंध लगा दिया है।





