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अर्थ मंत्रालय ने इलेक्ट्रिक वाहन आयात प्रक्रियाओं में स्पष्टता दी

अर्थमंत्री डॉ. स्वर्णिम वाग्ले के सचिवालय ने बजट से पहले इलेक्ट्रिक वाहनों के आयात को नियमित और कानूनी प्रक्रिया के तहत होने की पुष्टि की है। सचिवालय ने बजट के बाद कुछ वाहनों की कस्टम ड्यूटी में कटौती की जानकारी आने के बाद सूचना लीक का आरोप निराधार बताया है। रसुवा कस्टम की जांच-पड़ताल के अतिरिक्त विवेचना हेतु अर्थ मंत्रालय ने वहां के कर्मचारियों की जिम्मेदारी संशोधित की है। 26 जेठ, काठमाडौं।

अर्थमंत्री डॉ. स्वर्णिम वाग्ले के सचिवालय ने स्पष्ट किया है कि बजट से पहले आयात की गई सभी गाड़ियाँ पारंपरिक और नियमानुसार ही नेपाल में प्रवेश कर चुकी हैं। बजट से पूर्व कस्टम शुल्क बढ़ने या घटने की सूचना किसी व्यवसायी को मिली है जिससे वह लाभान्वित हुआ जिसके तहत उत्तरी नाकों से वाहन बजट से पहले आयात किये जाने के आरोप लगे थे, जो कि गलत हैं। इस संबंध में मंगलवार को अर्थमंत्री के सचिवालय ने स्पष्टीकरण जारी किया। ‘‘यह मामला मुस्ताङ के कोरला और रसुवा कस्टम ऑफिस से जुड़ा है, जहां बजट के पूर्व 200 से अधिक वाहन रसुवा कस्टम और 649 वाहन कोरला से पारंपरिक एवं नियमित आयात प्रक्रिया के तहत नेपाल भेजे गए थे,’’ सचिवालय की जारी विज्ञप्ति में कहा गया है।

वाहन आयात करने वाले व्यवसायियों को बजट बनाने वाली संस्था से कस्टम शुल्क में वृद्धि या कमी का कोई पूर्व सूचना नहीं दी गई है, जिसे सचिवालय ने पूर्णतः निराधार बताया है। रसुवा कस्टम कार्यालय के माध्यम से लक्ष्मी ई–मोबिलिटी (काठमाडौं) ने कायी ब्रांड के 200 वाहन आयात किये हैं, जैसा कि आर्थिक स्पष्टीकरण में उल्लेख है। हालांकि, उन सभी वाहनों के कस्टम शुल्क में बजट के मुताबिक ही कटौती मात्र हुई है। ‘‘यदि कस्टम शुल्क में कमी की पूर्व सूचना मिली होती तो आयातक महंगे दर से वाहन नहीं लाते और न ही आर्थिक नुकसान उठाते, बल्कि बजट के बाद वाहन आयात करने में ही उन्हें लाभ होता,’’ विज्ञप्ति में कहा गया है।