
नेपाली कांग्रेस की सांसद कमला पन्त ने चुनाव में प्राप्त मतों को दम्भ का आधार न बनाने के लिए सरकार को कड़ी चेतावनी दी है। सांसद पन्त ने सीमा संबंधी प्रधानमंत्री के बयानों में प्रधानमंत्री की स्पष्ट स्थिति सार्वजनिक करने पर जोर दिया। उन्होंने देश को सहयोग, एकता और सहमति के आधार पर आगे बढ़ाने के लिए सत्तारूढ़ दल से आग्रह किया है। २८ जेठ, काठमांडू।
सांसद पन्त ने केवल चुनावी मतों के आधार पर राजनीतिक वैधता रखने को अनुचित करार देते हुए सरकार को दम्भ से बचने की सलाह दी। उन्होंने राष्ट्रीय सभा के गुरुवार के सत्र में यह चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा सीमा संबंधी दिए गए बयान में स्पष्टता आनी आवश्यक है।
साथ ही उन्होंने देश को आपसी सहयोग, एकता और सहमति के आधार पर आगे बढ़ाने के लिए सत्तारूढ़ और विपक्षी दोनों दलों से आग्रह किया। सांसद पन्त ने सभा की संवैधानिक तथा राजनीतिक जिम्मेदारियों को पूरा करने के लिए अपनी तत्परता व्यक्त की और सरकार से जिम्मेदार बनकर काम करने को कहा। उन्होंने कहा, ‘राष्ट्रीय सभा की अपनी अलग जिम्मेदारी है, और उसे पूरा करने के लिए हम तैयार हैं। लेकिन प्रधानमंत्री के प्रति दी गई मांग हटाई नहीं जा सकती। केवल चुनाव से राजनीति का नियंत्रण नहीं होता। आलोचना करना आसान है, लेकिन भूमिका निभाना चुनौतीपूर्ण है। हमारे इतिहास में कई बार दलों ने बड़ी मत हासिल की है। फिर भी मत को दम्भ का आधार बनाना जरूरी नहीं। जब माइक मिलता है तो बहुत कुछ कहना ठीक नहीं होता, इससे सरकार चलाने में भी समस्या होती है। नेपाल जैसे देश को सहयोग, एकता और सहमति पर आधारित होकर आगे बढ़ना चाहिए।’ उन्होंने कहा कि सरकार के सकारात्मक कार्यों में विपक्षी दल मदद के लिए तैयार हैं और उन्हें डरने की आवश्यकता नहीं है।





